भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान परशुराम जयंती पर प्रदेश में शासकीय अवकाश की घोषणा की है। परशुराम जयंती प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के दिन आती है। चौहान ने सोमवार को यह घोषणा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से यहां मुख्यमंत्री निवास पहुंचे सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर की।
इस अवसर पर जनसंपर्क, उच्च शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष शिव चौबे विशेष रूप से मौजूद थे। ब्राह्मण प्रतिनिधियों ने छुट्टी घोषित करने के लिए आभार प्रकट करते हुए इंदौर के निकट परशुराम की जन्म स्थली जानापाव के विकास के लिए 11 करोड़ रुपए देने के लिए भी कृतज्ञता प्रकट की। चौहान ने कहा कि भगवान परशुराम मंदिर तथा जमदग्नि ऋषि के तपोभूमि परिसर का विकास शास्त्रीय तरीके से हो। यह स्थल समाज की आस्था का केंद्र है।
इसके प्राचीन स्वरूप और विकास के बीच समन्वय से कार्य किए जाएं। इस बारे में ब्राह्मण समाज मिलजुल कर निर्णय करे। चौहान ने बताया अशोक वाटिका जहां सीता माता रही थीं और जहां अग्नि परीक्षा हुई थी इन स्थलों पर माता सीता का मंदिर बनाने के लिए अपनी यात्रा के दौरान श्रीलंका सरकार से अनुमति मांगी थी। मंदिर के लिये एक करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए थे।
चौहान ने बताया कि श्रीलंका सरकार की अनुमति प्राप्त हो गई है। दो वर्ष के प्रयासों के बाद केन्द्र सरकार से भी अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीता मंदिर निर्माण में घोषित राशि के अलावा भी जितनी राशि की जरूरत होगी, दी जाएगी।