भोपाल। जहां पूरे मध्यप्रदेश में संविदा शिक्षकों, अध्यापकों एवं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को लावारिस छोड़ रखा है वहीं मंडला में कलेक्टर शिविर लगाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। निश्चित रूप से कर्मचारी वर्ग और संगठन उनसे बहुत खुश हैं।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर लोकेश जाटव के निर्देश पर शिक्षा जगत से जुड़े कर्मचारियों की समस्यायों के निराकरण हेतु विकासखण्ड स्तर पर 1 मई से 7 मई के बीच शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें शिक्षक अध्यापक और अन्य कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका का संधारण, अन्य स्वत्वों के भुगतान का निराकरण सहित अनेक समस्यायों का निराकरण किया जा रहा है।
राज्य अध्यापक संघ के जिला शाखा अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने जिले के सभी अध्यापक एवं संविदा शिक्षक साथियों से अपील की है कि वे इन शिविरों में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं यथोचित तरीके से रखकर उनका निराकरण करायें।
संघ ने सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला का भी आभार व्यक्त किया है कि उन्हौने अध्यापकों का वेतन आवंटन उपलब्ध होते ही त्वरित भुगतान सुनिश्चित कराया। संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि पे-बिल जनरेटिंग सिस्टम के साफ्टवेयर में सुधार हो गया है और ग्रेड-पे की राशि भी कटौती में शामिल होने लगी हैं। 1 अप्रैल 2013 से अध्यापकों के पुनरीक्षित वेतन का निर्धारण किया जाना है जिन अध्यापकों की वार्षिक वेतनवृद्वि अप्रैल में देय है उनकी वार्षिक वेतनवृद्वि लगने के बाद ही वेतन निर्धारण किया जाना हैं।