सीहोर। ग्राम पारवा हीरापुर में एक पैंतीस वर्षीय महिला की निर्ममता पूर्वक हत्या के बाद गांव में रोजाना पत्थरों की बारिश हो रही है, इस बारिश के कारण ग्रामीण भयभीत है शनिवार को यह लोग गांव छोड़कर जिला मुख्यालय आए और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर घटनाक्रम से अवगत कराया।
पुलिस फिलहाल आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है पर उसका कहना है कि इस हत्याकांड का पर्दाफाश जल्द कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने गांव में पुलिस व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि 29 अप्रैल को अहमदपुर थाना अंतर्गत ग्राम हीरापुर पारवा निवासी शांति बाई की लाश सड़क किनारे पड़ी मिली थी जिसकी हालत देखकर ही यह अंदाजा लगा लिया गया था कि उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई।
मृतका शांति बाई अपने घर से दो दिनों से लापता थी। मृतका की शार्ट पीएम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि उसकी हत्या गला दबाकर की गई है। फिलहाल रेप की पुष्टि नहीं हुई है जिसके लिए विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है पुलिस सूत्रों के अनुसार इस हत्या कांड का पर्दाफाश शीघ्र होने की संभावना है। हत्या के इस सनसनीखेज मामले में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे है जिसके आधार पर पुलिस उस तक पहुचंने की कोशिश कर रही है।
इधर शनिवार को इस घटनाक्रम में उस समय नया मोड़ आ गया जब ग्राम हीरापुर पारवा के सैंकड़ों ग्रामीण पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर जिला मुख्यालय प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने आए । इस ज्ञापन के माध्यम से पीडित के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक महिला शांति बाई ने अपने गहने ग्राम सलेहपुर निवासी फिरोज खान के पास रखे हुए थे इसी सिलसिले में शांति बाई 27 अप्रैल की शाम अपने लड़के राकेश की शादी के लिए फिरोज खान से यह गहने वापस लेने गई थी लेकिन दो दिन बाद उसकी लाश मिली।
जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक अधिकारियो के समक्ष पहुंचें सौ से भी अधिक ग्रामीण महिला और पुरुषों ने यह आरोप लगाते हुए कहा है की मृतका शांति बाई घटना के दो दिन पहले से लापता थी और बाद में उसकी लाश मिली, इसलिए इस बात की जांच जरुरी है कि वो दिन कहाँ थी और उसकी लाश वापस गांव कैसे पहुंची।
इस ज्ञापन में मृतका शांतिबाई के परिजन और ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जिन लोगों पर शक है वो बेखौफ होकर बाहर घूम रहे है और पिछले दो दिन से हमारे गांव में कुछ लोगों द्वारा पत्थर फेंके जा रहे है, इन्होंने बताया कि रोजाना रात के समय गांव पर पत्थर फेंक कर दहशत बनाने की कोशिश की जा रही है जिससे हमारे सहित बच्चे भी खौफ में रात बिता रहे है ग्रामीणों का कहना है कि संभवत: यह कार्य उन्हीं लोगों द्वारा किया जा रहा है जिनके नाम पहले दिन से ही शक के दायरे में चल रहे है।
ग्रामीणों ने डिप्टी कलेक्टर से मांग की है कि गांव में पुलिस का इंतजाम किया जाए ताकि पत्थर बाजी की घटना पर रोक लग सके। इस मामले में अहमदपुर पुलिस का कहना है कि शांति बाई की हत्या का मामला जल्द सुलझा लिया जाएगा। बहरहाल देखना यह है कि शांति बाई की हत्या का मामला पुलिस कब तक और किस प्रकार सुलझाती है? क्या पत्थर बरसाने वाले लोगों तक पुलिस पहुंच पाती है? आरोपी शक के दायरे वाले निकलते है या आरोपी कोई और है?