भोपाल। रेलवे का नया बजट लागू हो गया है और इसी के साथ यात्रा का सबसे आसान साधन रेल अब कई तरीकों से मंहगी हो गई है। रेल किराए में वृद्धि तो हो ही चुकी थी अब कई अन्य तरीकों से भी यात्री की जेब काटने के नियम लागू कर दिए गए हैं।
5 साल से कम बच्चों का हाफ नहीं, फुल टिकिट लगेगा
यदि आप विदिशा, इटारसी या फिर उज्जैन के लिए ट्रेन से परिवार सहित सफर करने की तैयारी में हैं तो 5 साल तक के बच्चे का पूरा टिकट लेने की तैयारी कर लें, क्योंकि रेलवे का नया बजट लागू हो चुका है और इस बजट के मुताबिक यदि कोई यात्री स्लीपर श्रेणी में 200 किमी, थर्ड व सेकंड एसी में 300, फर्स्ट एसी में 100 और चेयरकार में 150 किमी से कम दूरी की यात्रा करता हैं तो उसे बच्चों के लिए फुल टिकट लेना होगा।
भले ही यात्री इससे कम दूरी तय करे। इससे अधिक की यात्रा करने पर ही बच्चों को आधे टिकट का लाभ मिलेगा। इसके पीछे रेलवे का मानना है कि आमतौर पर यात्री ट्रेनों में भीड़ अधिक होने पर स्लीपर या अन्य किसी श्रेणी का टिकट ले लेते है। इससे जहां उन्हें स्लीपर में यात्रा करने की पात्रता हो जाती है, वहीं कम दूरी की यात्रा यात्री आसानी से कर लेते हैं। इस योजना से आरक्षित कोच में यात्रा करने वाले यात्री बच्चों का हाफ टिकट लेकर यात्रा करते हैं, वहीं बच्चों को भी धक्का-मुक्की से निजात मिल जाती है। लेकिन इस नए नियम से अभिभावकों को 5 साल से 11 साल के बच्चों का भी फुल किराया वसूला जाएगा।
एसी थर्ड का न्यूनतम किराया हुआ दुगना
पहले एसी श्रेणी का कम से कम किराया 150 किमी को आधार मानकर तय किया था, लेकिन किराया बढ़ने के साथ ही इसे संशोधित करते हुए 300 किमी कर दिया गया है। इसके बाद एसी थर्ड श्रेणी का कम से कम किराया 505 रुपए हो गया है। इसका सबसे अधिक खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जो एसी में कम दूरी की यात्रा करते हैं। आम यात्री स्लीपर के बाद एसी थर्ड में यात्रा करना पसंद करते हंै। इस श्रेणी में यात्रा करना आम आदमी के बस में होता है। खासतौर से गर्मी के दौरान इस श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
बच्चों के किराए का गणित
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, स्लीपर क्लास में 200 किमी से कम पर 170 रुपए चुकाना होंगे। वहीं एसी सेकंड में 300 किमी से कम के लिए 700 रुपए तक देना होगा। ऐसे ही एसी थर्ड में 300 किमी से कम पर 505 रुपए और एसी चेयरकार के लिए 150 किमी से कम के लिए 290 रुपए चार्ज किया जाएगा।
ये केल्कूलेशन आपको और ज्यादा ठीक प्रकार से उस समय समझ आ जाएगा जब आप रेलवे की टिकिट विंडो पर जाएंगे।