भोपाल। अधिकारी, वो भी मध्यप्रदेश के अधिकारी। चार पैसे का फायदा ना हो तो बेडरूम से बाहर ना आएं और निर्वाचन आयोग चाहते हैं मुफ्त में मतदाता जागरुकता अभियान चलाएं। इसे लेकर बीते रोज वीडियोकान्फरेंसिंग हुई। देखिए क्या क्या जबाव दिए अधिकारियों ने।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर में शनिवार को हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मौजूद रहने की बजाए अशोकनगर के एक अधिकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मीटिंग में शामिल हुए।
कान्फ्रेंसिंग के दौरान अशोकनगर के दूसरे अधिकारी ने जब यह जानकारी दी तो संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एसएस बंसल और सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय सिंह बघेल आदि ने नाराजगी जाहिर की।
मध्यप्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं के नाम शामिल करवाने के प्रयासों में गति लाने के लिए यह वीडियो कान्फ्रेंसिंग की गई थी। इसमें अशोक नगर के सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन ((स्वीप)) के नोडल अधिकारी मौजूद नहीं थे।
पूछने पर दूसरे अफसर ने बताया कि वे सिंधिया जी के कार्यक्रम में गए हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अनूपपुर के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास न वाहन है और न ही टेलीफोन, कैसे मतदाता जागरूकता अभियान चलाएं? बुरहानपुर के अधिकारियों ने बताया कि वे फेसबुक के जरिए प्रचार कार्य में जुटे हैं। बड़वानी के अधिकारियो ने कहा कि वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कार्यक्रम ‘सनसनी’ के जैसा ही नुक्कड़ नाटक करके जागरूकता अभियान चला रहे हैं। दतिया के अधिकारियों ने प्रचार के लिए फंड की डिमांड की।