भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र ने शिक्षकों को निर्देशित किया है कि यदि वो सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं तो रात में यात्रा ना करें। अब इसका क्या अर्थ निकालना है यह आप ही देख लीजिए, हमारे हिसाब से तो राज्य शिक्षा केन्द्र को भी भरोसा नहीं रहा कि मध्यप्रदेश की सड़कों पर उनके शिक्षक सुरक्षित रहेंगे।
सरकारी स्कूलों की कक्षा 1 और 2 पढ़ाने वाले शिक्षकों को राज्य शिक्षा केंद्र ट्रेनिंग देगा। ट्रेनिंग के लिए आने वाले शिक्षकों को सड़क मार्ग से आने पर रात में यात्रा नहीं करने की हिदायत राज्य शिक्षा केंद्र ने दी है। शिक्षकों को सुबह चलकर शाम तक एक दिन पहले ट्रेनिंग के लिए पहुंचना होगा। इस ट्रेनिंग में प्राइमरी स्कूल के सबसे जूनियर शिक्षक को भेजने की सलाह भी केंद्र ने दी है।
आईकफ आश्रम भोपाल में होने वाले इस तीन दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम में हर जिले से तीन-तीन शिक्षकों को बुलाया गया है। इसमें गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषय के उन शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी जो कक्षा 1 व 2 पढ़ाते हों। राज्य शिक्षा केंद्र ने जिलेवार ट्रेनिंग कार्यक्रम भी फाइनल कर दिया है।
लव्वोलुआब यह कि एक सरकारी दस्तावेज में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि सड़क मार्ग का उपयोग करते हैं तो रात में यात्रा ना करें। इसमें कोई किंतु परंतु का उपयोग नहीं किया जा सकता, सीधा सीधा एक ही तात्पर्य निकलता है कि अब मध्यप्रदेश शासन को भी मध्यप्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं रह गया। वो अपने कर्मचारियों को सुरक्षित देखना चाहते हैं इसलिए पहले से ही आगाह कर रहे हैं कि रात में यात्रा ना करें।