इंदौर। डांस इंस्टीट्यूट संचालक को जाल में फंसाकर नकली आईजी के छापे के जरिए लूटने वाले गिरोह की सरगना युवती से संबंध रखने वाले एएसआई को लाइन अटैच कर दिया गया। आरोपी युवती 26 वर्षीय सपना उर्फ हेमा उर्फ सुनीता पति पवन पाटिल शुक्रवार रात काशीपुरी स्थित घर पर सामान निकालने के लिए आई थी तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
महिला अधिकारियों ने सपना से पूछताछ की तो खुलासा हुआ सपना के हीरानगर थाने के एएसआई धर्मेंद्र सरगैया से संबंध हैं। उसके साथी राजेश निवासी कारसदेव नगर, सुनील मालवीय निवासी मेघदूतनगर व हेमंत परिहार निवासी सेठीनगर ने 6 अप्रैल को डांस इंस्टीट्यूट संचालक विजय अकोदिया को लूट लिया था। इस मामले में परदेशीपुरा पुलिस ने उसे पकड़कर हीरानगर थाने भेजा था, जहां से वह भाग गई थी।
इस मामले में जब सपना से पूछताछ की गई तो उसने कहा मुझे हीरानगर थाने के जवानों ने ही कह दिया था कि तू घर चली जा। अगले दिन अखबार में मेरे फरार होने की खबर छपी तो मैं खुद दोबारा थाने गई और बोला मैं फरार कहा हूं तो थाने वालों ने कहा तू तो अपनी मां के यहां उज्जैन चली जा। मैं इस कारण उज्जैन चली गई थी। एसपी ओपी त्रिपाठी ने धर्मेंद्र को लाइन अटैच कर दिया।
महिला ने बताया पुलिसकर्मियों ने ही कहा था तू लोगों को लूट हम देख लेंगे। आरोपी युवती 26 वर्षीय सपना उर्फ हेमा उर्फ सुनीता पति पवन पाटिल काशीपुरी स्थित घर पर सामान लेने आई थी तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रात में ही उसे महिला थाने पहुंचा दिया गया।
क्या थ मामला
वारदात डांस इंस्टिट्यूट संचालक परदेशीपुरा निवासी विजय अकोदिया के साथ हुई थी। उन्होंने बताया था वे 6 अप्रैल की शाम को एमआर-10 से जा रहे थे। एक युवती ने लिफ्ट के बहाने रोका। कार में बैठने के बाद उसके तेवर बदल गए। मैंने उसे उतरने का कहा तो रुपए मांगने लगी। मैंने मना किया तो बोली शराब पीना है रुपए दो नहीं तो बदनाम कर दूंगी। मैंने घबराकर एक हजार रुपए दे दिए तो और रुपए मांगने लगी। खुद के कपड़े फाडऩे की धमकी देने लगी। करीब पौन घंटे कार में बापट चौराहा व आसपास घूमने के बाद भी नहीं मानी। घर से और रुपए लेकर देने का दबाव डालने लगी तो घर ले गया।
विजय ने बताया वे युवती को घर ले गए तो पीछे-पीछे तीन व्यक्ति भीतर घुस आए। एक ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए कहा ये आईजी साहब हैं दूसरे को न्यूज चैनल का पत्रकार बताया। तुम्हारे साथ ये लड़की कॉलगर्ल है। इसे और तुम्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने मुझे युवती के पास में खड़ाकर मोबाइल से फोटो खींच लिए। मैंने घबराकर माफी मांगी तो उन्होंने पीटा। घर में मेरी बहन भी थी, जिसे भी तीनों ने धमकाया और फंसाने की धौंस दी।
आरोपियों ने कहा तुम्हें गिरफ्तार कर जुलूस निकालेंगे। बचना चाहते हो तो एक लाख रुपए लगेंगे। विजय ने कहा इतने रुपए नहीं है तो पीटने लगे। बाद में उसे दो लोग साथ ले गए और युवती व एक साथी घर पर रुक गए। दो अलग-अलग बैंक के एटीएम से विजय ने कुल 40 हजार रुपए निकालकर आरोपियों को दिए। उधर, घर में बदमाशों ने विजय की बहन से दो हजार रुपए छीन लिए और चले गए।
आला अधिकारियों के पास शिकायत पहुंची और जांच हुई पता चला सपना नामक युवती ने खेल रचा। वह ऐसे ही कई लोगों को ठग चुकी है। पुलिस ने उसके साथी राजेश सिंह निवासी कारसदेवनगर, सुनील मालवीय निवासी मेघदूतनगर व हेमंत परिहार निवासी सेठीनगर को हिरासत में लेकर रुपए जब्त किए थे। पता चला था कि युवती ने विजय को झांसे में लेने के लिए मोबाइल पर कॉल किए थे।
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सपना को मैं इसलिए जानता हूं क्योंकि वह अपनी सहेली की गाड़ी की रिपोर्ट लिखवाने व कुछ अन्य रिपोर्ट करने थाने आ चुकी है। मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं। भले ही मेरी कॉल डिटेल निकाल लो या डीएनए टेस्ट करा लो। मैं उसके घर भी नहीं गया।
धर्मेंद्र सरगैया
एएसआई, हीरानगर
सपना के किन पुलिसवालों से संबंध थे, इसकी जानकारी नहीं है। हम जांच करवाते हैं।
ओ.पी. त्रिपाठी
एसपी