भोपाल। संविदा शिक्षक भर्ती में झोलझाल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंडर टेबल सेटलमेंट सिस्टम को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक लेवल पर कुछ भी उठाकर चल रही है। अब वेटिंग लिस्ट का लफड़ा उलझ गया है। उन्हे बताया ही नहीं जा रहा कि उनका क्या होगा।
एक अभ्यर्थी घनश्याम सिंह सोलंकी ने मध्यप्रदेश के मुख्यसचिव को लिखे अपने पत्र में पूछा है कि 'अब हमारा क्या होगा।' श्री सोलंकी ने बताया कि संविदा शिक्षक वर्ग 3 की मैरिट सूची में 1059 अभ्यर्थियों के नाम शामिल नहीं थे। इनमें तीन प्रकार के अभ्यर्थी शामिल हैं।
1. वे अभ्यर्थी जिन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है एवं न्यायालय के आदेश तक उन्हें इंतजार करना होगा।
2. त्रुटी सुधार एवं अन्य घोषित कारणों से रोके गए।
3. वेटिंग लिस्ट
श्री सोलंकी ने जानना चाहा है कि ये वेटिंग लिस्ट क्या है और उसका क्या किया जाएगा, यह जानकारी कोई भी अधिकारी नहीं दे रहा है। पूछने पर तरह तरह की बातें की जा रहीं हैं और अंत में सारे लोग कहते हैं कि कुछ नहीं होगा।
श्री सोलंकी का कहना है कि वेटिंग लिस्ट का अर्थ यह होता है कि जब भी सरकार को संविदा शिक्षकों की जरूरत होगी, सबसे पहले वेटिंग लिस्ट से पूर्ती की जाएगी परंतु क्या यह प्रक्रिया संविदा शिक्षक वर्ग 3 की भर्ती में अपनाई जाएगी, इसका जवाब कहीं नहीं मिल रहा है।
