भोपाल। बाल अधिकार संरक्षण आयोग में एक फर्जी मार्कशीट का मामला सामने आया है। इसमें एक अभिभावक ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी बेटी मंडीदीप के सेंट पीटर्स हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ती है उसने इसी स्कूल से 10 वीं की परीक्षा दी थी। उसे स्कूल प्रबंधन ने फर्जी मार्कशीट पकड़ा दी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब उसने 12 वीं की परीक्षा के लिए आवेदन किया और एमपी बोर्ड ने उसकी मार्कशीट को जाली करार दे दिया।
उन्होंने कई जगह शिकायत की लेकिन कोई हल नहीं निकला। आयोग ने इस मामले की जांच की। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि मार्कशीट नकली है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में एफआईआर करने का निर्णय लिया है।
आयोग की अध्यक्ष उषा चतुर्वेदी ने बताया कि मंडीदीप निवासी देवी सिंह ने शिकायत की थी कि उनकी बेटी ने सेंट पीटर्स हायर सेकंडरी स्कूल से 10वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट आने पर वो दो विषय में फेल थी। बेटी ने स्कूल से ही रिवेल्यूशन के लिए फार्म भरा। स्कूल प्रबंधन ने इसके लिए दो हजार रुपए लिए। इसके कुछ दिन बाद स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उनकी बेटी पास हो गई है। यही नहीं उनकी बेटी ने इसके बाद 11वीं कक्षा की परीक्षा भी दी। 12वीं कक्षा में स्कूल से ही आवेदन दिया।
12 वीं की परीक्षा के लिए जब रोल नंबर नहीं आया तो खोजबीन के दौरान पता चला कि उनकी बेटी दो विषयों में फेल थी इसलिए वो परीक्षा में नहीं बैठ सकती थी। उसकी जो पास की मार्कशीट थी वो फर्जी थी। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच की।
उन्होंने पाया कि स्कूल द्वारा दी गई फर्जी मार्कशीट का एक मामला नहीं है बल्कि तीन अभिभावकों ने भी इसकी शिकायत की है। उषा चतुर्वेदी का कहना है कि फर्जी मार्कशीट एक संज्ञेय अपराध है इसलिए आयोग इस मामले को पुलिस को सौंपेगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।