बड़वानी‘प्रवीण सोनी’। कांग्रेस दावा कर रही है कि उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मोहनखेड़ा और भोपाल के कार्यक्रमों से कांग्रेसजन उत्साहित हुए हैं और उनसे सीधा संवाद करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता मैदान में सक्रिय नजर आएंगे लेकिन कार्यक्रमों से लौटने वाले कार्यकर्ताओं ने नई उर्जा का प्रदर्शन नहीं किया है।
जिले में लंबे समय से कांग्रेस ठंडी पड़ी है। प्रदेश की तरफ से आने वाले कार्यक्रमों को छोड़ दे तो जिला कांग्रेस ने अपनी ओर से कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया है न ही ऐसा कोई संघर्ष छेड़ा जिससे आम लोगों को कोई लाभ हुआ हो।
सबसे बड़ा मुददा तो भ्रष्टाचार का ही है। कांग्रेस नेता निजी बातचीत में कहते नहीं थकते कि बड़वानी जिला भ्रष्टाचार में नए कीर्तिमान बना रहा है लेकिन उन्होंने कांग्रेस के बैनर तले ऐसी कोई कोशिश नहीं की कि भ्रष्टाचार से आम लोगों को राहत दिला सके। उदाहरण के लिए ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की हड़ताल को ही लें।
13 दिन लंबी हड़ताल के कारण ग्रामीण स्तर पर सभी सरकारी योजनाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। मनरेगा योजना के ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों में चूल्हा बुझने की नौबत आ गई है।
कहां गया केंद्रीय दल
कुछ दिनों पूर्व कांग्रेस ने दावा किया था कि मनरेगा घोटाले की जांच के लिए केंद्रीय दल आने वाला है। दल के आने की जो तारीख दी गई थी वह कब की गुजर गई है लेकिन दल नहीं आया। अब कांग्रेसजनो के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि दल कहां गायब हो गया। क्या राहुल गांधी ऐसे संगठन के भरोसे चुनाव जीतने की आस लगाए बैठे हैं।