भोपाल। बीते रोज वेंकैया नायडू पर पर्चावार करने वाले की तलाश तेजी से शुरू हो गई है। भाजपा की पर्चा राजनीति को विराम लगाने के लिए इस बार नरेन्द्र तोमर टीम कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है और इसी के चलते उस व्यक्ति की तलाश की जा रही है जिसने पर्चावार किया।
कल दिनभर चली भाजपा की मीटिंग के दौरान भी पूरी की पूरी भाजपा उस 'एक भाजपा कार्यकर्ता' की तलाश करती रही जिसने यह पर्चा बांटा। नरेन्द्र तोमर सहित तमाम नेता भले ही पर्चावार को लेकर कोई गंभीर बयान नहीं दे रहे, एवं सेकेंडलाइन इसे कांग्रेस का काम बता रही है, लेकिन भाजपा के दिग्गजों को मालूम है कि पर्चा भाजपा के भीतर से ही आया है।
इस पर्चा राजनीति को लेकर उस कार्यकर्ता की तलाश तेजी से शुरू हो गई है जिसने यह सब कारित किया है। दिग्गजों का मानना है कि यदि इस पर्चावार को यहीं के यहीं खत्म नहीं कर दिया गया तो आने वाले समय में न जाने क्या क्या बंट जाएगा।
सनद रहे कि मध्यप्रदेश में पर्चावार अब परंपरा बन गई है और पार्टी के भीतर मौजूद एलीमेंट्स ही अपने नेताओं की पोल खोलने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। कांग्रेस में भी ऐसे कई पर्चे पूर्व में बांटे जा चुके हैं, जबकि भाजपा तो जैसे इसकी जन्मदाता ही है। कोई एक दशक से भी ज्यादा हो गए जब इसकी शुरूआत भाजपा की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई थी। उस समय तत्कालीन प्रांत संगठन मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के खिलाफ एक पर्चा चर्चा में आया था। इसके बाद तो जैसे पर्चे ही पर्चे दिखाई देने लगे।
देखते हैं भाजपा की आंतरिक सीबीआई अपनी इन्वेस्टिगेशन में किस नेता तक पहुंच पाती है। फिलहाल तो गडकरी समर्थक और नरेन्द्र विरोधी दोनों पर नजरें गड़ाई जा रहीं हैं।