भोपाल। जहां एक ओर भाजपा ने चुनावी जमावट शुरू कर दी है और इसी के चलते मीडिया सेंटर को भी हाईटैक कर दिया है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का मीडिया विभाग अखबारी कतरनों पर ही चल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया इसे लेकर बेहद परेशान हैं और बड़ा बदलाव करने की गुंजाइश मान रहे हैं।
खबर आ रही है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग से मध्यप्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया कतई संतुष्ट नहीं है। यह मीडिया विभाग जहां मीडिया को कांग्रेस के फेवर करने में नाकाम साबित हो रहा है वहीं दूसरी ओर दिनभर में दो चार प्रेसरिलीज जारी करने से ज्यादा कुछ भी नहीं कर पा रहा है। ये रिलीज भी औरिजनल नहीं, बल्कि अखबारों में छपीं खबरों के आधार पर कुछ गिने चुने नेताओं के बयान भर होते हैं।
विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे मीडिया विभाग के प्रमुख मानक अग्रवाल भी अब मीडिया विभाग में वो रुचि नहीं दिखा रहे हैं जो पहले कभी दिखाया करते थे। यहां तक कि कांग्रेस के मीडिया विभाग के पास भोपाल व मध्यप्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों व मीडिया हाउसों की जो सूची उपलब्ध है वो भी बहुत पुरानी है।
इसके इतर भाजपा ने अपने मीडिया सेंटर को हाईटैक कर दिया है। बैकअप के लिए विश्व संवाद केन्द्र भी बनकर तैयार हो गया है। यहां विभागवार काम किया जा रहा है और प्रदेश में होने वाले भाजपा के प्रत्येक कार्यक्रम का फोटो सहित कवरेज प्रकाशन के लिए सलीके से तैयार कर मीडिया में भेजा जा रहा है। भाजपा के मीडिया सेंटर की इसी सक्रियता के चलते अखबारों में भाजपा एवं शिवराज सरकार को जबर्दस्त स्थान मिल रहा है, जबकि खबरों पर प्रतिक्रिया वाले प्रेसनोट जारी करने वाली कांग्रेस किनारों पर सिमटकर रह जाती है।
कांग्रेसी समर्थक मीडिया के कई दिग्गजों ने इस बावत् कांतिलाल भूरिया सहित कांग्रेस के कई बड़े लीडर्स को चेताया है, परंतु अभी तक कांग्रेस इस मामले में कोई कदम आगे नहीं बढ़ा पाई है। मीडिया के पंडितों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया सेंटर से कहीं ज्यादा तेज तो कांग्रेस नेता एवं विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह की मीडिया सेल काम कर रही है।
कुल मिलाकर मीडिया विभाग की शिकायतें सुनते सुनते कांतिलाल तंग आ चुके हैं, वो बदलाव करना चाहते हैं, परंतु कांग्रेस की गुटबाजी मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एक सेंटीमीटर भी आगे बढ़ने नहीं दे पा रही है। देखना रोचक होगा कि प्रदेश अध्यक्ष का ताज लेकर घूम रहे कांतिलाल भूरिया अपने मीडिया विभाग में कुछ सुधार कर पाते हैं या ....।