भोपाल। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अवैध कालोनी के वैघ करने की घोषणा को चुनावी घोषणा बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वास्तव में प्रदेश की जनता को सस्ता वैघ घर दिलाना चाहते है तो विक्रय पत्रों पर हर वर्ष होने वाली वृद्धि बंद की जाए और विकास, आश्रय भवन निर्माण शुल्क में जो 250 गुना वृद्धि की गई है उसे समाप्त किया जाए। उन्होंने ऐसी नई आवास नीति बनाने की मांग की जो आम आदमी के अपना घर होने का सपना पूरा कर सके।
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि भाजपा शासनकाल में विकास अनुमति में 250 गुना वृद्धि हुई है। पूर्व में जहां विकास अनुमति शुल्क 1500 रूपये प्रति पांच हेक्टेयर पर थी वह बढ़ाकर 75 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर हो गई है। नई कालोनी बनाने पर नगर-निगम और नगर तथा ग्राम निवेश अलग-अलग शुल्क वसूलता है। एक ही कार्य के लिए दो संस्थाओं द्वारा विकास शुल्क वसूलने का क्या औचित्य है।
श्री सिंह ने कहा कि शासन की विसंगतिपूर्ण आवास नीति के कारण मध्यप्रदेश के आम आदमी के सस्ते घर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है और जो लोग पूरी पूंजी के साथ घर खरीद रहे हैं उन्हें दोगुनी कीमत पर अपना घर खरीदना पड़ रहा है। श्री सिंह ने पत्र में मुख्यमंत्री से इस पर ध्यान देने को कहा है।
श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आखिर अवैध कालोनियां प्रदेश में क्यों बन रही है इस पर भी वे गौर करे। श्री सिंह ने कहा कि जटिल प्रक्रिया के कारण आज प्रदेश में जहां अवैध कालोनी बनाए जाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है वहीं इससे प्रदेश सरकार के राजस्व को करोड़ों रूपये की क्षति हो रही है और आम आदमी जो इस सारी अनियमितता से अनभिज्ञ है, वह मानसिक रूप से त्रस्त हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने मुख्यमंत्री के लिखे पत्र में आश्रय शुल्क वसूलने का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय निकायों को मिलने वाली इस राशि में व्यापक पैमाने पर गड़बडि़यंा हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उन आश्रय शुल्क वसूली राशि की मांग की जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा घोटाला सामने आएगा।
श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से मंाग की कि वे अपनी आवास नीति में व्यापक संशोधन कर उसे आम आदमी के हित में बनाएं ताकि उसका अपना सस्ता घर बनाने का सपना साकार हो सके।