भोपाल। द बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के तत्वावधान में बुद्ध वर्ष 2556 दिनांक 26 एवं 27 जनवरी को मध्यप्रदेश के बौद्ध समुदाय की पावनस्थली बुद्धभूमि गोल्डन स्टेच्यू, मैत्रीय बुद्ध महाविहार, चूना भट्टी भोपाल में तृतीय अंतर्राष्टीय बौद्ध मेला का भव्य आयोजन किया गया है। मेले के प्रथम दिन शनिवार शाम 6 बजे तृतीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मेले का उदघाटन परम पूज्य भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई, जापान के करकमलों से होगा।
उदघाटन समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष पीसी शर्मा तथा काशी हिंदू विवि के प्रो. साकेत वर्धन, वाराणसी, चीन, थाईलेंड, कंबोडिया, श्रीलंका, म्यानमार, वियतनाम, तिब्बत आदि देशों के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं की गरिमामयी उपस्थिति होगी।
दूसरे दिन 27 जनवरी को प्रात:काल 9.30 बजे तृतीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मेला शुरु होगा। प्रात: दस बजे पंचशील धम्म ध्वजारोहण, साढ़े दस बजे सांसकृतिक कार्यक्रम में अंगुलिमाल पा आधारित नाटक, साढ़े 11 बजे परम पूज्य भिक्षु संघ का भव्य स्वागत, दोपहर 12 बजे विश्व शांति के लिए समर्पित तथागत भगवान बुद्ध की 25 फीट उंची मूर्ति के पास, बुद्ध वंदना, मंगल मैत्री, प्रार्थना सभा, दोपहर साढ़े 12 बजे दीप प्रज्जवलन, पुष्प अर्पित, त्रिशरण पंचशील, क्षमा याचना, दोपहर 1 बजे सामूहिक ध्यान 'आनापानसंति' दोपहर 1.15 बजे बुद्धिस्ट ग्लोबल युनिवर्सिटी की वेबसाइट की लांचिंग, दोपहर 2 बजे भगवान बुद्ध के जन्म, बुद्धत्व एवं महापरिनिर्वाण पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति, दोपहर 2.10 बजे द बुद्धभूमि स्मारिका का विमोचन तथा विदेशी बौद्घ भिक्षु/भिक्षुणियों द्वारा बुद्ध चाटिं्र और प्रबुद्ध भारत का निर्माण कैसे हो? धर्म के लिए है, मनुष्य धर्म के लिए नहीं? जाति भेद का विनाश ही बौद्ध धम्म? डॉ. आम्बेडकर ने बौद्ध धम्म को ग्रहण किया, ऐसे विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन होगा।