रिश्वत लेते पकड़े गए विदिशा के CMHO

shailendra gupta
भोपाल। अंतत: विदिशा के सीएमएचओ डा. दीपेश वर्मा रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े ही गए। वो अपने अधीनस्थ डॉक्टर से रिश्वत की मांग कर रहे थे। सनद रहे कि विदिशा सीएमएचओ के खिलाफ भ्रष्टाचार की खबरें लगातार स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हो रहीं थीं परंतु पॉलिटिकल प्रेशर के चलते अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। 

विदिशा से आई रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार की रात में विदिशा सीएमएचओ डा. दीपेश वर्मा को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सीएमएचओ डा. दीपेश वर्मा शमशाबाद अस्पताल के डाक्टर निर्मल जाटव से परिवीक्षा अवधि समाप्ति पत्रक भेजने और रुके हुए वेतन के बदले में 60 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। ज्यादा रिश्वत देने में असमर्थ डा. निर्मल जाटव ने हाईकोर्ट के वकीलों से सलाह ली। डाक्टर को वकीलों ने लोकायुक्त में शिकायत करने की बात कही।

इसके बाद डा. निर्मल जाटव 14 दिसंबर को लोकायुक्त पहुंचे और पूरी जानकारी दी। 18 दिसंबर को डाक्टर जाटव को लोकायुक्त पुलिस ने नोटों की एंट्री करके 50 हजार रुपए दिए। मंगलवार की रात पौने आठ बजे जिला अस्पताल के सामने सीएमएचओ निवास पर डा. जाटव पहुंचे और 50 हजार रुपए दिए।


रुपए लेने के बाद सीएमएचओ को शक हुआ और नोट उन्होंने बाहर फेंक दिए। इसी बीच लोकायुक्त की टीम अंदर आई और सीएमएचओ को गिरफ्तार कर लिया। उनके हाथों और कपड़ों में रंग निकला। टीम रंग के घोल और शर्ट को लेकर रवाना हो गई। इस बारे में लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर सुनील लाटा ने बताया कि टीम ने सीएमएचओ को रुपए के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया और मुचलके पर छोड़ दिया। इस मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 253 दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

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