भोपाल। सरकारी डॉक्टरों का प्राइवेट हॉस्पिटल प्रेम किसी से छिपा नहीं है। अब तो उन डॉक्टरों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए तो केवल सरकारी अस्पताल में ही सेवाएं दे रहे हैं। खैर जो भी हो, फिलहाल इस अवैध कारोबार में लिप्त दो डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
खबर रीवा से आ रही है जिला चिकित्सालय सीधी में पदस्थ डॉ. देवेन्द्र सिंह बाल्य एवं शिशु रोग विशेषज्ञ एवं डॉ. श्रीमती मंजू सिंह वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय सीधी को कमिश्नर श्री प्रदीप खरे द्वारा जिला चिकित्सालय के बजाय स्वयं के नर्सिंग होम में शासकीय कर्तव्य की अवधि में नर्सिंग होम में निजी कार्य करने तथा अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।
निलम्बन अवधि में दोनों चिकित्सकों का मुख्यालय जिला चिकित्सालय सतना रहेगा। निलम्बन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
निजी नर्सिंग होम की जॉच के दौरान पी.एन.डी.टी. एक्ट के अन्तर्गत भी अनियमितता पाये जाने के कारण इनके विरूद्व अपराधिक प्रकरण पंजीबद्व करने हेतु थाना प्रभारी कोतवाली सीधी को पृथक से लिखा गया है। कमिश्नर श्री खरे ने कलेक्टर के प्रतिवेदन पर दोनों चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से निलम्बन के आदेश जारी किये हैं।