संभवत: यह पहला अवसर है जब पुलिस ने छेड़छाड़ करने वाले युवकों की पीडित छात्राओं से सार्वजनिक रूप से थाने में पिटाई करवाई है। ज्ञात हो कि करीबी ग्राम कालधड़ से नगर की शैक्षणिक संस्थाओं में पढऩे आने वाली छात्राओं ने अपने साथ आए दिन हो रही छेड़छाड़ की शिकायत अभिभावकों से की थी। इसके बाद यह मामला थाने पहुंचा था।
सोमवार को नगर निरीक्षक श्री पांडे ने छात्राओं के बताए अनुसार युवकों को धरदबोचा। टीआई श्री पांडे ने छात्राओं को थाने में बुलाकर उनसे मजनुओं की सरेआम चप्पल से पिटाई करवाई, ताकि दोबारा कोई भी लड़का ऐसा दुष्साहस न कर सके। यह मनचले युवक कालधड़ से छीपाबड़ आते समय बीच रास्ते में छात्राओं के साथ छेडख़ानी करते थे। उनकी 'यादती इस हद तक बढ़ गई थी कि एक छात्रा के विरोध करने पर उन्होंने उसके साथ मारपीट तक की थी।
जब छात्राओं ने अपने परिजनों से इस बात की शिकायत की तब उनके परिजनों के द्वारा रविवार को छीपाबड़ थाने में मामले की लिखित शिकायत की गई थी। टीआई श्री पाण्डे ने इसे गंभीरता से लेते हुए युवकों की तफ्तीश शुरु की। पकड़ में आने के बाद उन्हें थाने लाकर छात्राओं से चप्पल से पिटाई करवाई। थाना परिसर में खुलेआम पिटते मजनू छात्राओं के पैर में गिरकर गिड़गिड़ाने लगे।
उन्होंने अपनी गलती पर क्षमा भी मांगी। कालधड़ निवासी एक छात्रा के साथ शनिवार को हुई मारपीट की घटना से पीडित छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने छीपावड़ निवासी आरोपी बबलू पिता पूनमचंद (19), वीरेन्द्र पिता विष्णु (20) एवं आसीम पिता इशाक (20) के विरूद्ध 354, 506, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया है।

