भोपाल, 28 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित व्यावसायिक शिक्षा योजना में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) ने लंबित मानदेय को लेकर निर्णायक संघर्ष का शंखनाद कर दिया है। नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ के आह्वान पर आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने जिला मुख्यालयों पर एकजुट होकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि दीपावली पर्व से पूर्व समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों के कई महीनों के लंबित मानदेय का शत-प्रतिशत भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में कराया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि त्योहार से पहले मानदेय जारी नहीं हुआ, तो प्रदेश भर के हजारों प्रशिक्षक दीपावली से पूर्व अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार एवं 'कलमबंद हड़ताल' पर चले जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित VTP कंपनियों और स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
घर में अंधेरा, कैसे मनेगी दिवाली?
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रशिक्षकों ने कहा कि वे विगत कई वर्षों से पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ विद्यार्थियों को तकनीकी व कौशल आधारित शिक्षा दे रहे हैं। इसके बावजूद विभिन्न वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स (VTPs) द्वारा विगत कई महीनों से उनके मानदेय का नियमित भुगतान नहीं किया गया है। सेवा प्रदाताओं ने पूर्व महीनों का वेतन बिना किसी ठोस कारण के रोक रखा है।
प्रशिक्षकों का कहना है कि रोशनी का महापर्व दीपावली बिल्कुल सिर पर है, लेकिन महीनों से वेतन न मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की स्कूल फीस और त्योहार की बुनियादी तैयारी करना भी दूभर हो गया है।
श्रम कानूनों के उल्लंघन पर VTPs पर कार्रवाई की मांग ज्ञापन में व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
समस्त अनुबंधित VTPs को कड़े निर्देश जारी कर पूर्व के सभी लंबित मानदेय एवं चालू माह के देयकों का तत्काल भुगतान कराया जाए।
शासन स्तर से बजट जारी होने के बावजूद प्रशिक्षकों का मानदेय रोकने वाली कंपनियों की जांच हो और सेवा नियमों की अवहेलना पर उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
नियमानुसार देय त्योहार अग्रिम अथवा बोनस के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाएं।
लंबित भुगतान नहीं तो ठप होगा शैक्षणिक कार्य
नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों एवं जिला प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि समय पर पारिश्रमिक पाना हर कर्मी का वैधानिक व विधिक अधिकार है। यदि प्रशासन और विभाग ने त्वरित हस्तक्षेप कर दिवाली से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित नहीं कराया, तो वे चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन और काम बंद हड़ताल के लिए पूरी तरह मजबूर होंगे।
उक्त ज्ञापन की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, लोक शिक्षण आयुक्त (DPI) तथा जिला श्रम अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
रिपोर्ट: जितेन्द्र राठौर, प्रदेश मीडिया प्रभारी, नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ मध्य प्रदेश।

