भोपाल समाचार, 21 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रहे हैं, जिन पर पिछली सरकारों ने काम नहीं किया था। वर्षों से पेंडिंग मामले निपटाए जा रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति एक ऐसा ही विषय है। आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दिवंगत कर्मचारियों के 950 से अधिक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के 'अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण' कार्यक्रम https://t.co/p2zeLhuh9C
— Office of Dr. Mohan Yadav (@drmohanoffice51) October 21, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के 'अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण' कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा संबोधित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया।
सभी कर्मचारी ईमानदारी से कम करें: मुख्यमंत्री की अपेक्षा
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री ने कहा कि, मुझे प्रसन्नता है कि स्कूल शिक्षा विभाग के निर्णय से 950 से अधिक लोगों के जीवन में नई आशा और उम्मीद जगी है। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। मैं विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संवेदनशील पहल के लिए बधाई देता हूं। हम अपेक्षा करते हैं कि नवनियुक्त कर्मचारी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे और प्रदेश के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में कार्यसंस्कृति बदली है और विकास के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। मध्यप्रदेश में भी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हो रहे हैं। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग का बजट बढ़कर इस वर्ष 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है, जो शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, खेलकूद और बेहतर सुविधाओं के विस्तार के साथ हम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को निरंतर सशक्त बना रहे हैं।
इसी दिशा में आज 200 नए विद्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों के लिए 200 नए विद्यालय भवनों को मंजूरी देने की पहल की जा रही है, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें।

