भोपाल, 2 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के शिक्षक समाज का एक बड़ा वर्ग आजकल ई-अटेंडेंस और विशेष पात्रता परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने एक आदेश जारी कर दिया है। आदेश में ऐसा कुछ लिखा नहीं है लेकिन इसके पीछे जो मैसेज लाउड हो रहा है वह यही है कि, वक्त बहुत कम है, पॉलिटिक्स छोड़ो और बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा करवाओ। यदि अपना निर्धारित काम पूरा नहीं करोगे तो नौकरी खतरे में आ जाएगी।
डॉ. अरुण सिह, अपर सचालक राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा जारी किए गए आदेश में लिखा है कि, जनगणना का द्वितीय चरण का कार्य 1 फरवरी 2026 से मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण किया जाना है। उक्त कार्य राष्ट्रीय महत्व का है जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग विशेषकर शिक्षको की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उक्त समय अवधि में शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो इस हेतू निम्न दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएँ।
- पाठ्पुस्तकों के शैक्षणिक कैलेण्डर में विषय वस्तु का विभाजन माहवार दिया गया है।
- विषय वस्तु का विभाजन 9 माहों में एवं 10 वें माह में वार्षिक मूल्यांकन के रूप में विभाजित है।
- जनगणना कार्य की महत्ता को देखते हुए विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम 31 जनवरी तक पूर्ण कराये तथा सुनिश्चित भी करे की विद्यार्थियों ने अपेक्षित दक्षताएँ प्राप्त कर ली हैं।
- शाला समय सारणी में आवश्यकतानुसार संशोधन करते हुए 1 फरवरी के पूर्व पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें।
कुल मिलाकर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि, समय बहुत कम है और काम बहुत ज्यादा है। जनगणना के काम से मना नहीं कर सकते। विशेष पात्रता परीक्षा का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही करना पड़ेगा। बाकी सारे मुद्दों पर यदि कोई आंदोलन करना है तो स्कूल टाइम के बाद करना, पाठ्यक्रम का प्रेशर आ गया है और अब सभी शिक्षकों को अपने क्लासरूम में होना चाहिए।


