भोपाल, 2 अक्टूबर 2026: यदि कोई जनप्रतिनिधि (संसद अथवा विधायक आदि) कोई विशेष काम करें तो उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए, लेकिन यदि दैनिक भास्कर पोल खोले, उसके बाद कलेक्टर द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया जाए, तो इसके लिए क्षेत्रीय सांसद, केंद्रीय मंत्री, श्रीमंत महाराज साहब ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्रेडिट दिया जाना चाहिए क्या?
आप सोचो, कि लिखने वाले ने क्या सोचा होगा
बात ऐसी है कि दैनिक भास्कर में आज एक खबर छपी है। शीर्षक है "फर्श पर बैठकर इंतजार करती रही गर्भवती महिलाएं, 15-15 दिन की वेटिंग"। खबर के साथ फोटो भी छपे हैं और महिलाओं के बयान भी हैं। मतलब एक कंपलीट रिपोर्ट है। इस मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया है कि, भास्कर में जैसा छपा है वैसा बिलकुल भी नहीं है, सब चंगा है। हालांकि CEO ने यह दवा बिल्कुल नहीं किया कि भास्कर ने जो खबर छपी है वह गलत है। बस इतना बताया की व्यवस्था ठीक है और साथ में एक वीडियो लगा दिया, जिसमें व्यवस्था दिखाई भी दे रही है। हालांकि महिलाएं दिखाई नहीं दे रही क्योंकि आज गुरुवार नहीं है। बात सिर्फ इतनी सी ही है, मध्य प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह की खबरें रोज छपती हैं और सरकारी अधिकारी इसी तरह अपने डॉक्यूमेंट में सब कुछ चंगा बता देते हैं लेकिन PR एजेंसी के लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का क्रेडिट ज्योतिरादित्य सिंधिया को दे डाला। हम आपको जो कुछ मीडिया के साथ शेयर किया गया है, वह सब जैसा है वैसा का वैसा, 24 काह शुद्ध प्रस्तुत कर रहे हैं। पढ़ेंगे तो आपको स्वयं पूछेंगे कि महाराज, यह क्या हो रिया है।
यह है प्रेस विज्ञप्ति जो प्रकाशन के लिए भेजी गई है और बहुत उम्मीद है कि, आपको ज्यादातर मीडिया में यही प्रकाशित हुआ दिखाई देगा:-
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संज्ञान के बाद अशोकनगर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में त्वरित सुधार, कलेक्टर ने स्वयं किया निरीक्षण
- मातृशक्ति की सुविधा सर्वोपरि: सोनोग्राफी के लिए डॉक्टरों का दैनिक ड्यूटी चार्ट जारी, गर्भवती महिलाओं के लिए बैठने सहित अन्य सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
- स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीजों को सहज, समयबद्ध और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता: सिंधिया
अशोकनगर। अशोकनगर जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच को लेकर गर्भवती महिलाओं और मरीजों को आ रही परेशानियों पर केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने जिला अस्पताल में सोनोग्राफी सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
कलेक्टर ने स्वयं जिला अस्पताल पहुंचकर किया निरीक्षण
केन्द्रीय मंत्री के निर्देश मिलते ही जिला कलेक्टर ने स्वयं जिला अस्पताल पहुंचकर सोनोग्राफी कक्ष एवं संबंधित परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद मरीजों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
सोनोग्राफी सेवाओं के लिए डॉक्टरों का दैनिक ड्यूटी चार्ट जारी
सोनोग्राफी सेवाओं को सुचारू एवं नियमित बनाने के लिए चिकित्सकों का दैनिक ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ड्यूटी चार्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो और मरीजों को जांच के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गर्भवती महिलाओं के लिए बैठने सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं एवं अन्य मरीजों को जमीन या फर्श पर न बैठना पड़े, इसके लिए प्रतीक्षालय में पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। साथ ही शेड, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं भी तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की गई हैं।
मातृशक्ति और आम नागरिकों को मिले सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में मातृशक्ति एवं आम नागरिकों को सहज, समयबद्ध और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके साथ एक वीडियो संलग्न है, आप स्वयं देखिए क्या दिखाई दे रहा है
इसके साथ एक स्पष्टीकरण भी संलग्न है, आप स्वयं पढ़िए, क्या लिखा हुआ है 👇
अब आप खुद बताइए कि, प्रकाशन के लिए जो समाचार मीडिया के साथ शेयर किया गया है, उसका संलग्न डॉक्यूमेंट अथवा वीडियो से कोई रिश्ता बनता है? सिंधिया के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी किए गए समाचार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन में कोई रिश्ता बनता है? श्री सिंधिया का कार्यालय चाहता है कि, राजधानी की मीडिया, यह बताए कि, सिंधिया के संज्ञान के बाद अशोकनगर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में त्वरित सुधार हुआ और कलेक्टर ने स्वयं निरीक्षण किया। जबकि वास्तव में कलेक्टर के निरीक्षण का कोई फोटो-वीडियो संलग्न ही नहीं है। कलेक्टर तो दूर की बात, पटवारी द्वारा निरीक्षण किए जाने का भी कोई फोटो वीडियो नहीं है। बस एक प्रतिवेदन है और एक वीडियो है।
सबसे खास बात यह है कि इसमें सिंधिया का संज्ञान कैसे हुआ। भास्कर ने मुद्दा उठाया, भास्कर की खबर का असर है। सांसद होने के नाते कलेक्टर से सवाल करना और व्यवस्थाओं को ठीक करना उनकी जिम्मेदारी है। यदि कोई दूसरा क्षेत्र होता है, कोई दूसरा सांसद होता तब भी ऐसा ही होता है। उल्टा वह संबंधित पत्रकार को चिट्ठी लिखकर धन्यवाद देता कि आपने मेरी क्षेत्र की जनता की समस्या के बारे में बताया। मेरे समर्थक मक्कार निकले, आपने बताया इसलिए मैं समस्या का समाधान कर पाया।
मतलब मीडिया में बने रहने के लिए, कुछ भी?


