मध्य प्रदेश के पंचायत सचिवों के लिए शासन का विशेष निर्देश, कलेक्टरों को कंट्रोल करने कहा

Updesh Awasthee
भोपाल, 26 अक्टूबर 2026:
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा शुरू किए गए जन विश्वास अभियान के रिजल्ट सामने आने लगे हैं। प्राप्त शिकायतों के आधार पर मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में नियमित रूप से पंचायत कार्यालय खुले और उसमें पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहें। 

पंचायत सचिवों के प्राइवेट ऑफिस बंद करवाइए

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री और अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे तो यह शिकायत मिली कि सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक पंचायत भवन में नहीं बैठते हैं। वे या तो घर से पंचायत का काम करते हैं या फिर किसी दूसरे कार्यालय में बैठते हैं। कार्यालय के उपयोग के लिए दी गई सामग्री भी कार्यालय के स्थान पर अपने घर या दूसरे कार्यालय में रख रहे हैं।

निजी आवास में कार्यालय संचालन पर पूरी तरह रोक

आयुक्त पंचायत राज छोटे सिंह ने बताया कि विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां पंचायत भवन हैं, वहां तय समय में कार्यालय संचालित हो। यदि भवन नहीं है तो फिर सामुदायिक या बहुउद्देशीय भवन में कार्यालय लगे। निजी आवास में पंचायत कार्यालय कतई संचालित न हो। हर स्तर पर निरीक्षण की व्यवस्था को लागू करें और यदि कोई कार्यालयीन समय में बिना उचित कारण के अनुपस्थित मिले तो कार्रवाई की जाए।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!