TET का विरोध करने वाले सरकारी शिक्षक, स्टूडेंट को स्टूटेंड लिखते हैं, एप्लीकेशन की स्पेलिंग नहीं आती

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 26 अक्टूबर 2026
: मध्य प्रदेश में एक तरफ हजारों शिक्षक, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को शिक्षक समाज का अपमान बता रहे हैं तो दूसरी तरफ दैनिक भास्कर के कुछ पत्रकारों ने एक्सपोज कर दिया कि, उनके पास प्राथमिक योग्यता तक नहीं है। 

शिक्षकों की योग्यता पर सवाल

दैनिक भास्कर के पत्रकारों ने छतरपुर और राजगढ़ में कुछ शिक्षकों की योग्यता के टेस्ट लिए। डिटेल रिपोर्ट दैनिक भास्कर में प्रकाशित हुई है, लेकिन इसके कारण एक नॉरेटिव सेट हो गया है, कि अपने विद्यार्थियों की साल में 2 परीक्षाएं लेने वाले शिक्षक स्वयं पात्रता परीक्षा देने से क्यों डर रहे हैं। हालांकि मीडिया, इस प्रकार का टेस्ट लेने के लिए अधिकृत नहीं है लेकिन अनाधिकृत भी नहीं है। नॉलेज और एजुकेशन के लिए कोई भी व्यक्ति सरकारी शिक्षक से सवाल पूछ सकता है। हम यहां पर शिक्षकों के नाम नहीं बता रहे हैं लेकिन यह बता रहे हैं कि उनसे क्या प्रश्न पूछा गया और उन्होंने क्या उत्तर दिया:- 
  • NATURE - यह लिखकर पढ़ने के लिए कहा तो "नथूरे" बताया। जबकि अंग्रेजी के इस शब्द का उच्चारण नेचर होता है जिसे हिंदी में प्रकृति कहते हैं।
  • एजुकेशन की स्पेलिंग लिखने को कहा तो AGUQUSAN लिखा जबकि एजुकेशन की स्पेलिंग EDUCATION होती है। 
  • एक अन्य शिक्षक को नेचर की स्पेलिंग लिखने को कहा तो उसने Naicher लिखा। 
  • एप्लीकेशन की स्पेलिंग लिखने को कहा तो APLICATION लिखा जबकि एप्लीकेशन की सही स्पेलिंग Application होती है। 
  • प्राथमिक विद्यालय के प्राचार्य से टाइगर की स्पेलिंग लिखने के लिए कहा तो "Tigar" लिखा जबकि टाइगर की स्पेलिंग "Tiger" होती है। 
  • हिंदी में वरिष्ठ लिखने को कहा तो "बरिष्ट" लिखा। 
  • हिंदी में स्टूडेंट लिखने को कहा तो "स्टूटेंड" लिखा। 
  • Future (फ्यूचर) पढ़ने को कहा तो "फीचर" बताया। 
  • 'निष्कलंक' को 'निसंकलंक' लिखा। 
  • ट्यूशन को अंग्रेजी में 'TUESN' लिखा जबकि 'Tuition' होता है। 
मजे की बात तो यह है कि, शिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध कर रहे हैं एक शिक्षक को मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री का नाम तक नहीं पता। जब पूछा तो अभिषेक सिंह बताया। श्री अभिषेक सिंह, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में आयुक्त हैं। 

अब समझ में आया, परीक्षा लेने वाले परीक्षा देने से डर क्यों रहे हैं

दरअसल मध्य प्रदेश में शिक्षा कर्मी भर्ती के प्रथम चरण से लगातार शिक्षक भर्ती घोटाला चल रहा है। BEd की डिग्री तो है परंतु वह भी संदिग्ध है। यदि पढ़ाई की होती तो BEd की फुल फॉर्म पता होती ना। यही कारण है कि कई सारे ऐसे लोग शिक्षक बन बैठे हैं जिनको टीचर की स्पेलिंग तक लिखना नहीं आता। कठिन सवाल की बात नहीं कर रहे लेकिन एप्लीकेशन की स्पेलिंग लिखना तो आना चाहिए। ऐसे ही अल्प शिक्षित लोग, मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अटेंडेंस का भी विरोध करते हैं और किसी भी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करते हैं। जब आंदोलन करते हैं तो कहते हैं, शिक्षक भारत का भविष्य निर्माता है। अब आप ही बताइए, ऐसा शिक्षक जिसको इंडिया और कंट्री की स्पेलिंग करना पता हो, भविष्य का निर्माता हो सकता है? 

क्या अयोग्यता के आधार पर सेवा समाप्त की जा सकती है

यहां ध्यान दीजिए, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक शिक्षक के पास DElEd और माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक के पास BEd की योग्यता होनी चाहिए। केवल डिग्री होने से काम नहीं चलता। योग्यता का प्रदर्शन भी होना चाहिए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम काफी कठोर है और अभी तो पूरी तरह से लागू भी नहीं हुआ है, लेकिन किसी भी आंदोलन से इसको बदला नहीं जा सकता है क्योंकि, शिक्षा के अधिकार अधिनियम ने संविधान में संशोधन करवा दिया है। यह रिवर्स नहीं हो सकता। मीडिया ट्रायल में एक्सपोज हो जाने के बाद भी कोई खास कार्रवाई का प्रावधान नहीं है, लेकिन यदि पात्रता परीक्षा दी तो सब कुछ रिकॉर्ड पर आ जाएगा। ऐसी स्थिति में पर्याप्त प्रक्रिया के बाद कम से कम अनिवार्य सेवानिवृत्ति और सामान्य तौर पर सेवा समाप्ति का प्रावधान है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!