भोपाल, 20 सितंबर 2026: मतलब लोग कुछ भी करते रहते हैं। किसी एक व्यक्ति ने कल सोशल मीडिया पर एक गलती कर दी, पिछले 12 घंटे में हजारों लोगों द्वारा वही गलती दोहराई जा रही है। किसी ने करेक्शन नहीं किया। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र को "बिंद" लिखा जा रहा है। सतना का युवक कह रहा था कि, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए विंध्य क्षेत्र में कोई अच्छी कोचिंग नहीं है। भाई लोग मैसेज वायरल करने में लगे हैं कि शिक्षा (स्कूल कॉलेज) नहीं है। स्वयं राहुल गांधी ने सतना के युवक का दर्द नहीं समझा, क्या उम्मीद करें।
यह है विंध्य की युवाओं का दर्द
बात ऐसी है कि, इंदौर में आयोजित हुए राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज में मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सतना जिले में रहने वाले एक युवक ने अपना दर्द बयान किया। उसने बताया कि हमारे यहां सिविल सर्विस और सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने हेतु कोई अच्छी कोचिंग नहीं है। हम लोगों को अच्छी पढ़ाई करने के लिए, MPPSC की कोचिंग करने के लिए इंदौर आना पड़ता है। इसके कारण हर साल हजारों निर्धन युवक युवतियां योग्य होने के बावजूद सिविल सेवा, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते।
मतलब मंच पर आए युवक का दर्द अपनी जगह जायज था। उसको नहीं पता कि इस मामले में सरकार कुछ कर सकती है या नहीं कर सकती। वह तो केवल इतना बता रहा था कि सतना में कोचिंग नहीं है। इसलिए हम लोग MPPSC की तैयारी नहीं कर पाते। राहुल गांधी ने पूरे मामले को शिक्षा (स्कूल और कॉलेज) से जोड़ दिया। सतना की युवक का दर्द सुना तो सबने, लेकिन समझा किसी ने भी नहीं। प्रॉब्लम अभी भी वैसी की वैसी है क्योंकि, जब किसी ने समझा ही नहीं तो सॉल्व कैसे होगी।


