भोपाल, 15 सितंबर 2026: भोपाल के बावड़िया कलाँ क्षेत्र में स्थित आवासीय परियोजना 'सागर प्राइम' (डेवलपर: मेसर्स अग्रवाल बिल्डर्स एंड कॉलोनाइजर्स कं.) को जारी किए गए कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र (Project Completion Certificate) की सत्यता और वैधता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर निगम में सर्टिफिकेट दे दिया, RERA ने चेक किया तो काम अधूरा था
भोपाल नगर निगम (BMC) द्वारा इस प्रोजेक्ट को 28 नवंबर 2025 को कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया था। हालांकि, मध्य प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) द्वारा नियुक्त टेक्निकल कमिश्नर की 24 जुलाई 2026 की निरीक्षण रिपोर्ट (स्थल निरीक्षण: 18 जुलाई 2026) के अनुसार, मौके पर कई अनिवार्य कार्य अधूरे, अनुपस्थित या लंबित पाए गए हैं। रिपोर्ट में आवासीय मंजिलों पर अग्निशामक यंत्रों की पूर्ण स्थापना न होना, बाउंड्री वॉल का निर्माण अधूरा होना, ओपन शाफ्ट की सुरक्षा ग्रिल का लंबित होना और स्वीकृत 48 में से केवल 39 सीसीटीवी कैमरे लगे होना दर्ज किया गया है।
इसके अतिरिक्त, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट अप्रूवल (19.02.2021) और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट की अनिवार्य शर्त रहे रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को RERA टेक्निकल कमिश्नर की रिपोर्ट में अनुपस्थित (Absent/Not Provisioned) दर्शाया गया है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPPCB) ने भी 10 जुलाई 2026 और 08 सितंबर 2026 को जारी नॉन-कॉम्प्लायंस नोटिसों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था न होने का उल्लेख किया है।
नगर निगम के सर्टिफिकेट को अनियमित माना जाए
इस पूरे घटनाक्रम पर सागर प्राइम रेजिडेंट्स फोरम ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि विकास अनुमति और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के लिए अनिवार्य सुविधाएं जुलाई 2026 के निरीक्षण में अनुपस्थित पाई गईं, तो 28 नवंबर 2025 को कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किया गया था। रहवासी संघ ने मांग की है कि नगर निगम दर्ज कमियों का मद-वार सत्यापन करे और जांच में अनियमितता पाए जाने पर प्रमाण पत्र को निरस्त या वापस लेने की कार्रवाई करे। इसके साथ ही RERA से भी आग्रह किया गया है कि नगर निगम व बिल्डर के इंजीनियर द्वारा जमा प्रमाण पत्रों को पूर्ण निर्माण का अंतिम प्रमाण न माना जाए।

