भोपाल, 4 सितंबर 2026: शहर में यदि आप विदाउट हेलमेट चलते हैं तो चलन बन जाता है। मेडिकल इमरजेंसी में भी रेड लाइट क्रॉस कर दी तो चालान घर पहुंच जाता है और अशोका गार्डन में मारपीट हुई, ट्रैफिक जाम हुआ, इसके बावजूद पुलिस नहीं आई। जब लोग पुलिस थाने पहुंचे तो झगड़ा करने वाली दोनों पार्टियों के बीच में लिखित समझौता करवा कर भगा दिया। एक पक्ष का नाम अभिषेक ठाकुर और दूसरे का नाम अदनान खान है।
गलत कौन है, यह अपन डिसाइड नहीं कर सकते। यदि पुलिस रिपोर्ट लिखती तो एक पक्ष पीड़ित होता, इसकी शिकायत दर्ज होती। इसके आधार पर आरोप का निर्धारण हो जाता है लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। बस एक बात समझ में आई, अभिषेक ठाकुर और अदनान खान के बीच में लड़ाई हुई थी। पहले अभिषेक के दोस्त ने अदनान को पीटा, फिर अदनान खान और उसकी भीड़ ने अभिषेक ठाकुर, उसके दोस्त और उनको जो भी बचाने आया (लगभग छह युवक) सबको बेरहमी से मारा पीटा। कपड़े भी फाड़ दिए। समाचार यह नहीं है कि अशोका गार्डन में दो पक्षों के बीच में लड़ाई हुई बल्कि समाचार यह है कि रात के समय आम रास्ते पर दो पक्षों के बीच संघर्ष हो रहा था, फिर भी पुलिस नहीं आई।
बाद में जब दोनों पक्ष पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 इसकी इजाजत नहीं देती लेकिन चलो ठीक है, व्यावहारिक तौर पर या मान लेते हैं कि, यदि कोई गंभीर चोट नहीं आई है तो, मामला दर्ज नहीं करना चाहिए। लेकिन पुलिस ने किसी को पाबंद भी नहीं किया। पता चला कि दोनों पक्षों के बीच में फिर से लड़ाई हुई थी। एक तरफ अदनान और उसकी भीड़ है, दूसरी तरफ अभिषेक ठाकुर है। और पुलिस, शुक्रवार एवं श्री कृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन पहले हुए विवाद में, दोनों पक्षों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई भी नहीं कर रही है?

