भोपाल, 9 सितंबर 2026: इंटर्नशिप भत्ता में 110% की मांग कर रहे MBBS स्टूडेंट्स ने 8 सितंबर 2026 की शाम 5:00 बजे से भोपाल की कुछ सड़कों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। भोपाल शहर के लोकल व्हाट्सएप ग्रुपों में कल देर रात तक इस बात को लेकर डिस्कशन होते रहे। भोपाल के लोगों का कहना है कि, हर पीड़ित के साथ हमारी सद्भावना है लेकिन जिस स्टूडेंट की पढ़ाई पर सरकार के द्वारा पब्लिक के 65 लाख खर्च किए जाते हैं, यदि वह इंटर्नशिप वजीफा में 110% वृद्धि की मांग को लेकर ट्रैफिक ब्लॉक कर दे तो यह सहन नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस की संख्या कम पड़ रही है तो पब्लिक मदद करेगी, लेकिन रोड ब्लॉक नहीं रहने दिया जाएगा। इस प्रदर्शन के खिलाफ हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल करने की तैयारी चल रही है।
क्या यह डॉक्टर बनने के लायक भी है?
भोपाल की लोकल व्हाट्सएप ग्रुपों में यह मैसेज सबसे ज्यादा वायरल हुआ। इसमें बताया गया है कि, मध्य प्रदेश एकमात्र राज्य है जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रों को 65 से 75 लाख रुपए की छात्रवृत्ति देता है। अभी जो इंटर्न अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कर रहे हैं, यह इंटर्नशिप केवल 1 साल के लिए है और अभी एमबीबीएस की डिग्री भी इन्होंने हासिल नहीं की है। ऐसे में यह भूल जाते हैं कि पब्लिक मनी से सरकार ने 65 से 75 लाख रुपए की सहायता पढ़ाई करने के लिए मिली हुई है और केवल एक साल के लिए वजीफा बढ़ाने के लिए यह जनता की परेशानियां बढ़ा रहे हैं, गरीबों का इलाज करने से पीछे हट रहे हैं। क्या उनकी मांग जायज है? क्या यह डॉक्टर बनने के लायक भी है?
पब्लिक गिड़गिड़ा रही है, प्रदर्शनकारी गुंडागर्दी कर रहे हैं?
लोग अपने रास्ते जा रहे हैं लेकिन आज मंगलवार को भी प्रदर्शनकारी छात्रों ने ट्रैफिक ब्लॉक कर रखा है। लोग गिड़गिड़ा रहे हैं, थोड़ा सा रास्ता मांग रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि, चाहे किसी को कितना भी परेशान होना पड़े, जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हम ट्रैफिक ब्लॉक रखेंगे। यह फोटो आज मंगलवार की है जब एक महिला थोड़ा सा रास्ता मांग रही है लेकिन खुद को जूनियर भगवान खाने वाले MBBS छात्र उनको आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं।
स्टाइपेंड बख्शीश से अधिकार नहीं
यहां एक बात याद दिलाना जरूरी है कि, इंटर्नशिप वजीफा मूल रूप से एक बख्शीश है, अधिकार नहीं होता है। इसके कारण किसी का जीवन नहीं चलता। जिन लोगों ने ट्रैफिक ब्लॉक किया है उनके जीवन और मृत्यु का कोई प्रश्न नहीं है। सरकार उनके कॉलेज और पढ़ाई पर देश में सबसे ज्यादा ज्यादा पैसा खर्च कर रही है। यही कारण है कि भारत और विदेश के विद्यार्थी भी मध्य प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने आते हैं। अब जबकि पढ़ाई पर ज्यादा पैसा खर्च किया जा रहा है तो बख्शीश ज्यादा क्यों देंगे? पॉकेटमनी के लिए बच्चा रूठ सकता है, लेकिन यदि दरवाजा बंद कर दे और 40 घंटे से ज्यादा हो जाए, तो क्या करेंगे?


