BHOPAL NEWS: मौलाना आजाद कॉलेज छात्रा की मौत और प्रिंसिपल पॉलिटिक्स कर रहे हैं

Updesh Awasthee
भोपाल, 28 सितंबर 2026:
मौलाना आजाद कॉलेज की छात्रा की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। गांधीनगर में होली फैमिली स्कूल के सामने तेज रफ्तार टाटा नेक्सन कार ने टक्कर मारी है। छात्र के परिजनों का कहना है कि कॉलेज में एडमिशन तो दिया लेकिन हॉस्टल नहीं दिया। इसलिए बाहर रहना पड़ा और एक्सीडेंट हो गया। जबकि कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि टक्कर मारने वाली कार पर भाजपा लिखा था।

बिहार से पढ़ने के लिए आई थी

सायमा मूल रूप से वैशाली, बिहार की रहने वाली थी और भोपाल के मौलाना आजाद कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह पढ़ाई के लिए गांधीनगर भोपाल में रह रही थी। प्राइवेट हॉस्टल में रहने के लिए कॉलेज की तरफ से बोला गया था। हादसे की सूचना कॉलेज प्रबंधन की ओर से परिजनों को दी गई। सायमा के चाचा मोहम्मद आरिफ ने बताया कि कॉलेज के नौशाद सर ने फोन कर उन्हें हादसे की जानकारी दी थी। सूचना मिलने के बाद वे भोपाल पहुंचे। 

छात्राओं के लिए हॉस्टल होता तो वह जिंदा होती

आरिफ का आरोप है कि कॉलेज में छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से सायमा को गांधी नगर स्थित हाईटेक सिटी में कमरा लेकर रहने के लिए कहा था। सायमा करीब दो महीने से इसी कमरे में रह रही थी। हॉसटल होता तो आसानी से सायमा बाहर नहीं आती और शायद हादसा टल जाता।

प्रिंसिपल की पॉलिटिक्स

परिजनों ने कॉलेज में छात्राओं के रहने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और कार चालक के संबंध में जांच कर रही है। हादसे के बाद छात्रा के परिवार में मातम है।कॉलेज के प्रिंसिपल नौशाद ने बताया कि जिस कार ने सायमा को टक्कर मारी, उसमें बीजेपी पदाधिकारी की तख्ती लगी थी। मतलब, प्रिंसिपल सर यहां पर भी पॉलिटिक्स कर रहे हैं। मुद्दा यह है कि कॉलेज छात्राओं को एडमिशन तो देता है लेकिन हॉस्टल नहीं देता। परिवार वालों का मानना है कि यदि हॉस्टल होता तो सायमा शाहिद जिंदा होती। स्टूडेंट और फैमिली का मुद्दा है क्या हॉस्टल होना चाहिए, जबकि प्रिंसिपल का कहना है की टक्कर मारने वाली कर पर भाजपा पदाधिकारी की नेम प्लेट थी। 

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