भोपाल, 28 सितंबर 2026: यह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है, और भोपाल का एमपी नगर। मतलब शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र, सबसे आधुनिक और सबसे सुरक्षित भी लेकिन यहां डिवाइडर पर पिछले चार दिनों से करंट दौड़ रहा था। अब तक 7 लोग घायल हो चुके हैं। कल संडे को भाजपा के युवा नेता की मौत हो गई। इसके बावजूद, नगर निगम के अधिकारी का कहना है कि हमें नहीं पता, हमें किसी ने नहीं बताया, हमें बताना चाहिए था।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, दिव्यऋषि तिवारी (भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री), डीबी मॉल के सामने सड़क पार करने के लिए डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सहारे के लिए सड़क किनारे लगे पोल को एक हाथ से पकड़ लिया। दूसरे हाथ से दीवार पकड़ने की कोशिश के दौरान पोल में करंट होने से उन्हें जोरदार झटका लगा। हादसे में एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभाला। करंट लगने के बाद दिव्यऋषि मौके पर गिर गए। वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तुरंत बचाव शुरू किया और सीपीआर दिया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए एम्स ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एमपी नगर के डिवाइडर पर 4 दिन से करंट दौड़ रहा है: पुलिस
एमपी नगर थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा के मुताबिक, जांच में सामने आया कि इस कट पॉइंट पर पिछले 3-4 दिन में 7 से ज्यादा लोगों को करंट लग चुका था। इसकी शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं किया गया। जब शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और एक व्यक्ति की मौत हो गई तो पुलिस ने कट पॉइंट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी।
हमको सूचना देनी थी, हमको किसी ने सूचना नहीं दी: नगर निगम
नगर निगम के अधीक्षक यंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जिस पोल से करंट लगा, वह नगर निगम का है। इस पर स्ट्रीट लाइट लगी है। पोल में करंट कैसे आया, इसका परीक्षण कराकर सुधार कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम को पहले इस पोल में करंट आने की कोई शिकायत नहीं मिली थी। बिजली विभाग और पीडब्ल्यूडी की ओर से भी पोल में करंट आने की सूचना नगर निगम को नहीं दी गई। उनके मुताबिक, यदि अन्य विभागों को इसकी जानकारी मिलती, तो वे नगर निगम को सूचना देते।
पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे से जुड़े पोल, बिजली कनेक्शन और निर्माण कार्य की स्थिति की भी जांच की जा रही है। स्ट्रीट लाइट का यह पोल मेट्रो प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था। इसका रखरखाव नगर निगम करता है। पोल के पास तार खुला होने की बात भी सामने आई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि पोल में करंट कैसे पहुंचा और वहां खुले तार की स्थिति क्यों थी।

