VIDEO NEWS: शिक्षक अपनी शौच बच्चों से साफ करवाते हैं, मना किया तो छाती में लात मार दी

Updesh Awasthee
भोपाल, 25 अगस्त 2026
: यह मामला भेदभाव और शोषण का है। वही मुद्दा है जिसको लेकर पूरे देश में बहस चल रही है। कुछ लोग कहते हैं कि भारत में जाति के आधार पर भेदभाव होता है जबकि यह घटना प्रमाणित करती है कि शक्तिशाली व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति का हो, अपने से कमजोर व्यक्ति का शोषण करता है और उसके साथ भेदभाव करता है। मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का है। पैरंट्स ने शिकायत की है कि, सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों ने पराकाष्ठा पार कर दी है। अपनी शौच बच्चों से साफ करवाते हैं, एक बच्चे ने मना किया तो उसकी छाती पर लात मार दी। 

झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी 

सभी बच्चों के पेरेंट्स एक साथ शिवपुरी के कलेक्टर कार्यालय में, जनसुनवाई में आए थे। उन्होंने बताया कि, सभी गांव वालों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। क्योंकि स्कूल के दो शिक्षक उनके बच्चों पर अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं। उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। शिक्षक जब शौचालय जाते हैं तो अपनी गंदगी खुद साफ नहीं करते बल्कि स्कूल के बच्चों को पानी डालकर साफ करने के लिए मजबूर करते हैं। एक बच्चे ने मना किया तो उसकी छाती पर लात मार दी। जब पैरंट्स ने जाकर स्कूल में बात की तो उनको झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वह तहसीलदार, एसडीएम और विधायक के पास जा चुके हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी आए भी थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए अब कलेक्टर के पास आए हैं। 

पीड़ित और आरोपी सभी ST-OBC

इस मामले में अभी तक कोई जांच के आदेश नहीं हुए हैं और ना ही कोई कार्रवाई हुई है इसलिए हम किसी भी पक्ष का नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारे पास उपलब्ध शिकायत की कॉपी के अनुसार दोनों शिक्षकों में से एक अनुसूचित जाति से है और दूसरा पिछड़ा वर्ग से। जिन लोगों ने अपने बच्चों के साथ भेदभाव और अत्याचार की शिकायत की है, वह भी ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। मतलब आरक्षित जाति वर्ग के शक्तिशाली लोग, आरक्षित जाति वर्ग के कमजोर लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार कर रहे हैं।

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