प्राथमिक शिक्षक भर्ती विवाद: ABVP के नेता कमिश्नर के ऑफिस में घुस गए, नारेबाजी की

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 अगस्त 2026:
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में D.El.Ed डिग्री की डेट के कारण नियुक्ति से वंचित चयनित शिक्षकों की भूख हड़ताल के बीच आज अचानक एक अजीब सी स्थिति बन गई। कुछ युवा हाथों में झंडे लिए हुए आए, उन्होंने स्वयं को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नेता बताया और नारेबाजी करते हुए सीधे कमिश्नर ऑफिस में घुस गए। यहां पुलिस एवं सुरक्षाकर्मियों के साथ विवाद भी हुआ। जबकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, पूरे घटनाक्रम में हम शामिल नहीं थे। हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। 

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारी झंडे लेकर कार्यालय की पहली मंजिल पर पहुंचे और आयुक्त के कक्ष के बाहर नारेबाजी करने लगे। वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कक्ष से बाहर निकाला और कार्यालय भवन से भी बाहर कर दिया।

आयुक्त बोले- भर्ती नियमावली का मामला जटिल

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने पूरे घटनाक्रम के बाद भूख हड़ताल पर बैठे चयनित अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर मैं आपके साथ हूं लेकिन भर्ती नियमावली का मामला जटिल है।

15 दिन से नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन

चयनित शिक्षक करीब 15 दिन से लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित होने के बावजूद D.El.Ed डिग्री की डेट के कारण उन्हें नियुक्ति से वंचित किया जा रहा है।

शाम 6 बजे झंडे लेकर घुसे ऑफिस

गुरुवार शाम करीब 6 बजे, जब कार्यालय समय खत्म हो रहा था और अधिकारी-कर्मचारी घर जाने की तैयारी में थे, तभी अचानक कुछ प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय के अंदर घुस गए। वे पहली मंजिल पर आयुक्त के कक्ष के बाहर तक पहुंच गए थे।

मुख्य गेट पर ताला, भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शनकारियों के कक्ष में पहुंचने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। बताया जा रहा है कि लोक शिक्षण आयुक्त ने फोन कर पुलिस बल बुलाया था। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, कुछ लोग उनके पास आए थे। उन्होंने खुद को ABVP का नेता बताया था। आंदोलन को समर्थन देने की पेशकश की थी, लेकिन हमने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद ABVP के करीब 10 से 20 कार्यकर्ता DPI के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। 

DPI के कर्मचारियों ने कल से आंदोलन की चेतावनी दी

प्रदर्शनकारियों के कार्यालय में प्रवेश करने की घटना के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी लामबंद हो गए। कर्मचारी संगठनों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने कहा है कि सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होने पर 21 अगस्त से लोक शिक्षण संचालनालय के लोक सेवक सांकेतिक कार्य अवज्ञा आंदोलन शुरू करेंगे।

यह है पूरा मामला
यह विवाद स्कूल शिक्षा विभाग के 13 हजार से अधिक पदों के लिए कराई गई प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में इसके लिए विज्ञापन जारी किया था और इसका रिजल्ट इसी महीने घोषित किया गया है।

प्रदर्शन कर रहे चयनित शिक्षकों का कहना है कि विज्ञापन में यह स्पष्ट नहीं लिखा था कि, परीक्षा के बाद उत्तीर्ण होने पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक D.El.Ed की डिग्री पूरी होना जरूरी है। उनका कहना है कि रिजल्ट आने और चयनित होने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग उन्हें नियुक्ति नहीं दे रहा है। उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि तक D.El.Ed की डिग्री पूरी नहीं होने के आधार पर अपात्र बताया जा रहा है।

वहीं, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह का कहना है कि भर्ती परीक्षा की रूल बुक में स्पष्ट है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक D.El.Ed की डिग्री पूरी होना जरूरी है। इसी आधार पर चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

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