भोपाल, 20 अगस्त 2026: शहर की शांति होम्स कॉलोनी में अजीब सी स्थिति बन गई। कश्मीर से भोपाल में पढ़ाई करने आए दो स्टूडेंट्स इस कॉलोनी में किराए पर रहने लग गए। जब उनके कारण कॉलोनी के लोग असहज होने लगे तो उन्होंने दोनों स्टूडेंट्स से रूम खाली कर देने के लिए कहा, लेकिन इसका उलटा असर हुआ। दोनों स्टूडेंट्स ने अपनी स्टूडेंट यूनियन से भेदभाव की शिकायत कर दी और पुलिस बुला ली।
Bhopal Shanti Homes: Police Called After Kashmiri Students Asked to Vacate Rooms
जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) द्वारा 18 अगस्त 2026 को लेकर गए एक ज्ञापन पत्र में बताया गया है कि, ये छात्र भोपाल के TRUBA इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना (PMSSS) के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें, उनके रहने के स्थान (शांति होम्स कॉलोनी, भोपाल) से जबरन निकालने के लिए स्थानीय लोगों और कुछ अन्य तत्वों द्वारा दबाव डाला जा रहा है, क्योंकि वे कश्मीरी और मुस्लिम हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि छात्र डर के कारण अपने आवास से बाहर निकलने या कॉलेज जाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। यह पत्र नासिर खुहामी (National Convenor, JKSA) द्वारा हस्ताक्षरित है।
लोगों का कहना है: कॉलेज के हॉस्टल में क्यों नहीं रहते?
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि, दोनों विद्यार्थियों को सरकारी योजना के तहत छात्रवृत्ति मिली है। उन्होंने प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लिया है, उनको कॉलेज के हॉस्टल में रहना चाहिए। यदि इस तरह प्राइवेट सोसाइटी में रूम किराए पर लेंगे तो समिति के नियमों का पालन भी करना पड़ेगा। यदि उनकी गतिविधियां रेजिडेंशियल सोसायटी के नियमों के विरुद्ध होगी तो उनसे खाली करने के लिए भी कहा जाएगा। जिस प्रकार से उन्होंने प्रेशर पॉलिटिक्स की है, अब तो आसपास के लोग भी डर गए हैं। यदि किसी कश्मीरी छात्र को किराए पर कमरा दिया और किसी भी वजह से खाली करने के लिए कहा तो वह, अपनी स्टूडेंट एसोसिएशन से शिकायत कर देगा और उसकी एसोसिएशन, मकान मालिक अथवा आपत्ति कर्ताओं से बातचीत किए बिना, पॉलिटिक्स शुरू कर देगी। भेदभाव का आरोप लगने लगेगी। इस प्रकार वह लोग मकान पर कब्जा कर लेंगे?
ताजा स्थिति
पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने इस मामले में अधिकारियों को तैनात किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलाकर पाबंद किया। अब दोनों पक्षों को एक दूसरे से कोई शिकायत नहीं है लेकिन जो कुछ भी हुआ, उसके कारण शहर में चर्चा जरूर शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि, कॉलेज के हॉस्टल रूम में छात्रों का अधिकार होता है, प्राइवेट रूम में उनके पास वैसा वाला अधिकार नहीं होता। यदि दोनों पक्ष सहमत नहीं है तो मकान खाली करना चाहिए।

