भोपाल, 25 अगस्त 2026: स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने व्याख्याता संवर्ग से हाई स्कूल प्राचार्य के पद पर पदोन्नति आदेश जारी कर दिए हैं। संचालक के.के. द्विवेदी के हस्ताक्षर से जारी आदेश क्रमांक 1266 (दिनांक 25 अगस्त 2026) के तहत कुल 196 व्याख्याताओं को हाई स्कूल प्राचार्य के पद पर पदोन्नत किया गया है।
गोपनीय प्रतिवेदन (CR) के परीक्षण के बाद आया फैसला
उल्लेखनीय है कि दिनांक 10 जुलाई 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक संपन्न हुई थी, जिसके आधार पर मुख्य पदोन्नति आदेश दिनांक 12 जुलाई 2026 (आदेश क्रमांक 1074) को जारी किया गया था। इस बैठक में जिन लोक सेवकों के गोपनीय प्रतिवेदन (CR) परीक्षणाधीन या विचारधीन रखे गए थे, उनके अंतिम परीक्षण के बाद अब अंतिम निर्णय लेते हुए यह नई पदोन्नति सूची जारी की गई है।
नया वेतनमान और परिक्षण अवधि
पदोन्नत हुए सभी प्राचार्यों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल 10 (वेतनमान रूपये 9300-34800 + 4200 ग्रेड-पे) में पदोन्नत किया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के अंतर्गत यह पदोन्नति दो वर्ष की परिक्षण अवधि के लिए रहेगी।
15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य
आदेश के अनुसार, सभी पदोन्नत लोक सेवकों को आदेश जारी होने के 15 दिनों की समय-सीमा के भीतर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि कोई लोक सेवक इस पदोन्नति को स्वीकार नहीं करना चाहता है, तो उसे 15 दिनों के भीतर लिखित रूप में अपनी असहमति दर्ज करानी होगी।
आरक्षण नियम और अदालती शर्तें
यह पदोन्नति आदेश मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 और मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। इसके साथ ही, ये पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
विभागीय जांच या आपराधिक मामलों में आदेश स्वतः निरस्त
यदि किसी लोक सेवक के विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण, विभागीय जांच, लोकायुक्त मामला दर्ज है या दंड प्रभावी है, तो यह पदोन्नति आदेश उनके संबंध में स्वतः निरस्त माना जाएगा और उन्हें किसी भी स्थिति में कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा।
कतिपय जातियों के लिए विशेष निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग के दिनांक 05 अगस्त 2005 के परिपत्र का हवाला देते हुए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कीर, मीणा और पारधी जातियों को अनुसूचित जनजाति (ST) संवर्ग से विलोपित कर दिया गया है। अतः यदि इस संवर्ग में त्रुटिवश किसी लोक सेवक की पदोन्नति हुई है, तो उन्हें प्राचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा।
किस जिले को सबसे अधिक नए प्राचार्य मिले हैं?
- रीवा (REWA) 45
- इंदौर (INDORE) 15
- ग्वालियर (GWALIOR) 15
- जबलपुर (JABALPUR) 14
- छतरपुर (CHHATARPUR) 14
- भोपाल (BHOPAL) 11
- सतना (SATNA) 8
- सिंगरौली (SINGRAULI) 8
- छिंदवाड़ा (CHHINDWARA) 6
- देवास (DEWAS) 4
- सीधी (SIDHI) 4
(नोट: सिवनी, मुरैना, भिंड, मऊगंज, पांढुर्णा और नरसिंहपुर प्रत्येक जिले को 3-3 नए प्राचार्य मिले हैं, जबकि शेष जिलों को 1 या 2 प्राचार्य प्राप्त हुए हैं।)
MP School Education Promotion List PDF Download
व्याख्याता से हाई स्कूल प्राचार्य पदोन्नति आदेश 2026 की पीडीएफ फाइल भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल https://t.me/bhopalsamachar1 पर उपलब्ध है। तत्काल डाउनलोड कर सकते हैं। MP School Education Promotion: 196 Lecturers Promoted as High School Principals, Check District-Wise List सर्च कर सकते हैं।

