अवन्तिकायां विहितावतारं: सीएम मोहन यादव का संकल्प, दिव्य और अलौकिक होगा सिंहस्थ-2028

Updesh Awasthee
उज्जैन, 25 अगस्त 2026:
सनातन धर्म की पावन और मोक्षदायिनी नगरी अवंतिका (उज्जैन) में सिंहस्थ महापर्व-2028 के भव्य आयोजन का शंखनाद हो चुका है। शिवपुराण के अंतर्गत भगवान महाकाल की महिमा का गान करते हुए कहा गया है:
“अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। 
अकालमृत्युः परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्॥”
अर्थात्, सज्जनों को मुक्ति प्रदान करने और अकाल मृत्यु से रक्षा करने के लिए अवंतिका नगरी में अवतार धारण करने वाले देवाधिदेव महादेव महाकालेश्वर को मैं प्रणाम करता हूँ। इसी पावन और भक्तिमयी चेतना के साथ, 25 अगस्त को उज्जैन के सिंहस्थ मेला कार्यालय परिसर में एक अत्यंत गरिमामय वातावरण में सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल का दायित्व ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। 

सिंहस्थ-2028 के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भगीरथ संकल्प 

इस पावन अवसर पर भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की अनन्य कृपा से आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व का स्वरूप अत्यंत भव्य, दिव्य, अद्भुत और अलौकिक होगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर गति दी जा रही है।

श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी शिव-भक्ति की महिमा लिखते हैं:
“सिव पद कमल जिनहिं रति नाहीं। रामहि ते सपनेहुँ न सुहाहीं॥”
इसी सनातन चेतना को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में शासन-प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं साधु-संतों की सुविधा और सेवा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने संपूर्ण समाज का आह्वान करते हुए कहा कि सिंहस्थ का यह महापुनीत पर्व केवल सरकार का नहीं, बल्कि संपूर्ण जनमानस की सहभागिता का उत्सव है। 

जन-भागीदारी और सेवा का अनुपम संगम

अवंतिका नगरी के इस दिव्य कायाकल्प में जन-जन की आस्था और समर्पण का अद्भुत रूप देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सनातन धर्म की पहचान संतों के कारण ही अक्षुण्ण बनी हुई है। इस महापर्व की पावन तैयारियों में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपना अमूल्य योगदान दिया है:
कृषकों से सेवा का आह्वान: जिन किसानों के पास अपनी भूमि उपलब्ध है, वे वहाँ श्रद्धालुओं के सेवार्थ विद्यालय, चिकित्सालय और हॉस्टल जैसी सुख-सुविधाएं विकसित करें, जिसमें सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
त्याग और समर्पण की अनूठी मिसाल: विभिन्न धर्मों के लोगों ने और स्थानीय नागरिकों ने अपने पवित्र धर्मस्थलों, मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भूमि स्वेच्छा से इस महापर्व की तैयारियों के लिए उपलब्ध कराई है।
धार्मिक स्थलों का समग्र विकास: आने वाले समय में उज्जैन के अन्य सभी प्रमुख पौराणिक और धार्मिक स्थलों का भी कायाकल्प कर उन्हें और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

संतों का आशीर्वाद और नेतृत्व की सराहना

समारोह में उपस्थित राज्यसभा सांसद परम पूज्य संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने इस सिंहस्थ महापर्व को करोड़ों श्रद्धालुओं की प्रगाढ़ आस्था और अटूट विश्वास का पावन केंद्र बताया। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संपूर्ण ध्यान इस महापर्व को परम भव्य स्वरूप देने पर ही केंद्रित है।
वहीं, स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य महंत रामेश्वरदास महाराज ने मुख्यमंत्री जी के ऐतिहासिक और भगीरथ कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आशीर्वाद दिया कि वर्ष 2028 का यह कुंभ अभूतपूर्व और अद्भुत होगा। 

विश्व का सबसे विशाल धार्मिक मेला: 'हम सब हैं मेजबान'

इस पावन बेला पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने उद्घोष किया कि सिंहस्थ महापर्व सनातन धर्म का संपूर्ण विश्व में सबसे विशाल मेला है, और इसकी तैयारियां भी इसी भव्यता के अनुरूप सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जब से 'महाकाल लोक' का निर्माण हुआ है, तब से बाबा महाकाल का अलौकिक आभा मंडल संपूर्ण विश्व में आलोकित हो रहा है। 

प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल एवं पदाधिकारियों ने इस पावन दायित्व को स्वीकार करते हुए भावुक स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ओजस्वी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में इस ऐतिहासिक महापर्व की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने समस्त उज्जैनवासियों का स्मरण कराते हुए कहा कि इस पावन महाकुंभ में हम सभी केवल दर्शक नहीं, अपितु देवाधिदेव महाकाल के गण बनकर 'मेजबान' की पवित्र भूमिका में हैं। 

आइए, हम सब मिलकर इस महासंकल्प का हिस्सा बनें और बाबा महाकाल की शरण में सिंहस्थ-2028 के इस पावन यज्ञ को सफल बनाएं। हर हर महादेव! जय श्री महाकाल!

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