MP को नंबर 1 बनाने सेंट्रल इंस्टीट्यूशंस ने सीएम से एक्शन प्लान डिस्कस किया

Updesh Awasthee
भोपाल, 24 अगस्त 2026:
 एक अच्छा शासन वह होता है जहां विद्वानों का सम्मान और विशेषज्ञों की सलाह पर गंभीरता से विचार विमर्श किया जाता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आज बिल्कुल ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया। यहां एक बहुत ही इंपॉर्टेंट स्टेट लेवल कॉन्क्लेव आयोजित हुआ। इस ईवेंट का विषय था - "Contribution of Centrally Funded Institutions for Samriddh Madhya Pradesh @2047" देश के बड़े-बड़े सेंट्रल इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन और विद्वानों ने मध्यप्रदेश के विकास का एक शानदार रोडमैप मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सामने प्रस्तुत किया। फिर भाषण बाजी नहीं हुई बल्कि, पॉइंट टू पॉइंट डिस्कशन हुआ, ताकि रिजल्ट मिल सके।

सीएम का इंस्पायरिंग एड्रेस: 
इस ईवेंट का शुभारंभ चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप जलाकर किया और "समृद्ध मध्यप्रदेश@2047" सोवेनियर (स्मारिका) को लॉन्च किया। इस वन-डे कॉन्क्लेव को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) ने ऑर्गेनाइज किया था, जिसकी थीम थी “One Institute–One Promise”. सीएम डॉ. यादव ने अपने स्पीच में पीएम नरेंद्र मोदी के लीडरशिप की जमकर तारीफ की। उन्होंने रामायण का एग्जांपल देते हुए कहा कि जैसे जामवंत ने भगवान हनुमान को उनका पोटेंशियल याद दिलाया था, ठीक वैसे ही पीएम मोदी ने भारत को उसकी असली ताकत का अहसास कराया है। उन्होंने बताया कि आज MP में सेमीकंडक्टर यूनिट्स लग रही हैं, जो कुछ साल पहले तक सोचना भी मुश्किल था। 

चैलेंजेस और फ्यूचर विजन: 
सीएम ने बताया कि कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद आज के स्टूडेंट्स का खेती में इंटरेस्ट न लेना एक बहुत बड़ा चैलेंज है। उन्होंने डिफेंस में बढ़ती ताकत और ड्रोन टेक्नोलॉजी के बढ़ते रोल का भी जिक्र किया। सीएम ने नदी जोड़ो अभियान और पीकेसी स्कीम (जिससे मध्यप्रदेश और राजस्थान के 15-15 जिलों को फायदा होगा) के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने साफ कहा कि - "आज के समय में स्किल हमारी नई करेंसी है और इनोवेशन हमारी नई इकोनॉमी है"। उनका विजन MP को मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल हब और रिसर्च, एआई (AI) से लेकर पेटेंट तक का सेंटर बनाना है। 

सप्त संकल्प और 2029 चेकपॉइंट: 
मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 का विजन डॉक्यूमेंट असल में 'विकसित भारत' का ही एक टारगेट है, जिसे हासिल करने के लिए पीएम मोदी ने सप्त संकल्प दिए हैं। हमारा फोकस सिर्फ इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट पर नहीं, बल्कि प्रोडक्टिव इन्वेस्टमेंट पर है, जो मध्यप्रदेश को नेशनल वैल्यू चेन में शामिल करे। उन्होंने साल 2029 को विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प का एक बेहद महत्वपूर्ण चेकपॉइंट बताया।

सेंट्रल इंस्टीट्यूशंस का एक्शन प्लान: 
इस कॉन्क्लेव के एक खास इंटरैक्टिव सेशन में, जिसे AIGGPA के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर संतोष कुमार विश्वकर्मा ने मॉडरेट किया था, कई इंस्टीट्यूशंस ने अपने प्लान्स शेयर किए:
  • NITTTR ने कहा कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास के लिए सबसे बेस्ट जगह है।
  • IIIT भोपाल ने साइबर सिक्योरिटी और डेटा सिक्योरिटी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • इंडियन आर्मी के मेजर जनरल विकास ने डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी पर काम करने की बात कही।
  • MANIT मध्यप्रदेश में होम स्टे के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स देने का काम कर रहा है।
  • LNIPE शारीरिक शिक्षण और खेलों को आगे बढ़ाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग देगा।
  • AMPRI युवाओं को साइंटिफिक ट्रेनिंग के जरिए एम्प्लॉयमेंट दे रहा है और रायसेन के जनकपुर गांव को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए सीएसआर (CSR) के तहत 4 से 5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट कर रहा है।
इसके अलावा IIT इंदौर, IISER भोपाल, और IIM इंदौर के डायरेक्टर्स ने भी विकसित मध्यप्रदेश के लिए अपनी प्लानिंग पेश की।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!