Big News: इंदौर क्राइम ब्रांच पर लोकायुक्त का एक्शन, तत्कालीन इंस्पेक्टर और कांस्टेबल्स पर करप्शन का केस

Updesh Awasthee
इंदौर, 24 अगस्त 2026:
लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने करप्शन के खिलाफ एक बहुत ही इंपॉर्टेंट (Important) और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रीगल चौराहा स्थित पुलिस अपराध शाखा (Crime Branch) ऑफिस के तत्कालीन इंस्पेक्टर और कांस्टेबल्स सहित एक प्राइवेट पर्सन के खिलाफ रिश्वत वसूलने के मामले में एफआईआर (FIR) यानी केस रजिस्टर (Case Register) किया गया है। 

केस के आरोपी कौन हैं?

यह पूरा एक्शन लोकायुक्त के महानिदेशक (Director General) श्री योगेश देशमुख के कड़े निर्देशों पर और उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक (SP) लोकायुक्त के नेतृत्व में लिया गया है। लोकायुक्त ने इस मामले में कुल चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है:
  • श्री सुजीत श्रीवास्तव - तत्कालीन निरीक्षक / इंस्पेक्टर (Inspector), अपराध शाखा (Crime Branch) इंदौर,
  • श्री अभय सिंह - सिंह ड्राइवर (खुद को क्राइम ब्रांच का कांस्टेबल बताता था)
  • श्री विकास सेंधव - तत्कालीन आरक्षक / कांस्टेबल (Constable), अपराध शाखा (Crime Branch) इंदौर,
  • श्री दीपक पटेल - प्राइवेट पर्सन (Private Person), इंदौर निवासी। 

क्या है पूरा मामला?

तुलसी नगर, इंदौर की निवासी कंप्लेनेंट (Complainant) श्रीमती प्रिती हजारी ने लोकायुक्त ऑफिस (Office) में 2 अप्रैल 2026 को एक कंप्लेंट एप्लीकेशन (Complaint Application) सबमिट (Submit) की थी। कंप्लेंट (Complaint) के अनुसार, उनके बेटे प्रांजल हजारी को एक शिकायत के सिलसिले में पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच (Crime Branch) बुलाया गया था। उस शिकायत पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने और प्रांजल को छोड़ने के बदले तत्कालीन इंस्पेक्टर (Inspector) सुजीत श्रीवास्तव और अन्य पुलिसकर्मियों ने ₹1,20,000 की रिश्वत (Bribe) की डिमांड (Demand) की थी। 

UPI और Cash के जरिए ली गई Bribe

कंप्लेनेंट (Complainant) के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने 20 मार्च 2026 को रिश्वत (Bribe) के पहले पार्ट (Part) के तौर पर ₹50,800 यूपीआई (UPI) के माध्यम से प्राइवेट पर्सन (Private Person) दीपक पटेल के अकाउंट में ट्रांसफर करवाए, जिसके बाद प्रांजल को छोड़ा गया। इसके बाद, रिश्वत की बची हुई शेष राशि ₹70,000 अगले दिन कैश (Cash) के रूप में आरोपियों द्वारा प्राप्त की गई। कंप्लेनेंट (Complainant) ने इस अवैध लेनदेन के पुख्ता टेक्निकल एविडेंस (Technical Evidence) भी लोकायुक्त टीम को सौंपे थे।

Verification और लीगल एक्शन

Complaint मिलने के बाद लोकायुक्त इंदौर संभाग के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री राजेश सहाय ने मामले का वेरिफिकेशन कराया। लोकायुक्त टीम ने जांच के दौरान मिले सभी टेक्निकल एविडेंस (Technical Evidence) को अच्छी तरह स्टडी और वेरिफाई किया। Complaint सही पाए जाने पर आज दिनांक 24 अगस्त 2026 को चारों आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 (Prevention of Corruption Act) और 61 (2) बीएनएस 2023 (BNS 2023) के अंतर्गत केस रजिस्टर (Case Register) कर लिया गया है। इस मामले में आगे की इन्वेस्टिगेशन (Investigation) शुरू कर दी गई है। 

लोकायुक्त की पब्लिक से अपील

लोकायुक्त ऑर्गनाइजेशन लगातार करप्शन के खिलाफ एक्टिव है। लोकायुक्त इंदौर संभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत (Bribe) की डिमांड (Demand) करता है, तो वे तुरंत मोती बंगला, एमजी रोड स्थित लोकायुक्त ऑफिस (Office) में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा दिए गए टेलीफोन नंबर्स (Telephone Numbers) 0731-2533160 और 0731-2430100 पर भी कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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