भोपाल, 26 अगस्त 2026: भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों द्वारा शासित स्कूल शिक्षा विभाग, एक ऐसा सिरफिरा घोड़ा हो गया है, जिस पर सवारी करना मजबूरी है लेकिन भरोसा नहीं कर सकते। कहा था कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को बढ़िया कंपनी की रेडीमेड यूनिफॉर्म दी जाएगी। आज मीटिंग में फाइनल हुआ है कि, इस फैसले पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मतलब सरकारी स्कूल के बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिलेगी। मामला फिर से कैबिनेट में जाएगा और कैबिनेट फाइनल करेगी। पता नहीं यूनिफॉर्म कब मिलेगी।
MP Government School Uniforms: When Will Students Get Their Uniforms? No Decision in Meeting
स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म सिलाकर देने का फैसला किया था। अधिकारियों ने कैबिनेट से यह प्रस्ताव मंजूर भी करवा लिया था। मजे की बात देखिए, सरकारी स्कूलों में सिलेबस के लिए, पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन और वितरण के लिए गठित किए गए मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम ने यूनिफार्म के लिए 350 करोड रुपए का टेंडर जारी किया। मतलब पाठ्यक्रम का काम करने वाले सरकारी संस्थान ने वह काम किया जो उसके पाठ्यक्रम में नहीं था। अब नाई को हलवाई बनाओगे, तो खाना खराब तो होगा ही। हो गया, टेंडर की पूरी प्रक्रिया विवादित हो गई और हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल हो गई। हाईकोर्ट ने टेंडर की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। यहां तारीख पर तारीख बढ़ती जा रही है, वहां तारीख पर कुछ हो ही नहीं रहा है।
पत्रकारों ने सवाल करना शुरू किया तो स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक का आयोजन किया गया। अब स्कूल शिक्षा विभाग के भाग्य विधताओं का मानना है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर सिली हुई यूनिफॉर्म तैयार कराने और उसे प्रदेशभर के स्कूलों तक पहुंचाने में और समय लगेगा। इसलिए व्यवस्था बदलकर विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजने का विकल्प चुना गया है। महंगाई को देखते हुए दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए प्रति विद्यार्थी कितनी राशि दी जाएगी, इसकी अंतिम राशि तय नहीं हुई है। यूनिफॉर्म के रंग और पैटर्न में बदलाव होगा या पुराना डिजाइन ही जारी रहेगा, इस पर भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बच्चों तक यूनिफॉर्म पहुंचाने की कोई निश्चित आधिकारिक डेडलाइन भी तय नहीं है।
अब स्कूल ड्रेस के लिए ड्राफ्ट का इंतजार
स्कूल शिक्षा विभाग अब यूनिफॉर्म की व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विद्यार्थियों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म की राशि DBT के जरिए भेजी जाएगी। बाकी सब सवालों के जवाब तो ढूंढ लेंगे लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि, स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूल ड्रेस वाला ड्राफ्ट कब तक बन पाएगा।

