REEL नहीं REAL: डॉ. मोहन ने सिलेबस की बात की, विद्यार्थियों से समझा और शिक्षकों को समझाया

Updesh Awasthee
भोपाल, 5 अगस्त 2026:
सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों को ज्यादा लाइक शेयर नहीं मिलते, जनता भी ज्यादा बात नहीं करती लेकिन रिजल्ट ऐसे ही आते हैं। मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान कुछ भी ऐसा नहीं हुआ जिसकी REEL वायरल हो सके लेकिन उनका दौरा REALISTIC था। उन्होंने कोई मामा चाचा नहीं किया, ना बच्चों को ग्राउंड पर खड़ा करके लंबा भाषण सुनाया। सीधे क्लासरूम और प्रयोगशाला में जाकर सिलेबस की बात की। 

मुख्यमंत्री के दौरे से स्कूल डिस्टर्ब नहीं हुआ

दरअसल, स्कूल में 'किताब से कल तक' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सीएम डॉ मोहन सिंह यादव ने छात्राओं को बताया कि वे एआई का कितना और कैसे इस्तेमाल करें। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि, भारत का संधि विच्छेद करें तो "भा" का अर्थ है "जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए" और "रत" का मतलब है "लीन"। तो भारत का अर्थ हुआ "जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन है" उसे कहते हैं भारत। 

AI से प्राप्त जानकारी को वेरीफाई जरूर करें: मास्टर बने मोहन ने समझाया

छात्रा प्रिंसी वर्मा ने उनसे पूछा- क्या आप चैटजीपीटी का प्रयोग करते हैं, यदि हां तो क्या सर्च करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं किसी कार्यक्रम के विषय पर वर्तमान परिदृश्य में क्या नई चीजें हैं, उन्हें सर्च करता हूं। जो हमें अपने भाषण में शामिल करना चाहिए। लेकिन चैटजीपीटी हो या ग्रोक्स, जिसने भी एआई टूल्स हों, ये आखिरी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन स्वयं का दिमाग लगाएं और आंकड़ों को क्रॉस चेक जरूर करें।

मैं तो राजनीति के साथ पढ़ता भी रहा, और पीएचडी कर ली

डॉ मोहन यादव ने बताया कि, मैं सीएम हाउस में रहते हुए भी नियमित स्वाध्याय करता हूं। डायरी लिखता हूं और आगे करने वाले कार्यों की लिस्ट बनाता हूं। पिछले कार्यों का मूल्यांकन भी करता हूं। जब मैं उज्जैन विकास प्राधिकरण का चेयरमैन बन गया, तब भी राजनीति शास्त्र में एमए किया। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी कर ली। मैं पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रखते एमबीए भी किया। जीवन में पढ़ाई का दौर चलता रहना चाहिए। पढ़ाई सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, बल्कि मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए। अध्ययन के लिए जीवन में अनुशासन की भी आवश्यकता होती है। लोगों के सामने अपने ज्ञान के प्रदर्शन का तरीका व्यक्तित्व को निखारता है।

तनाव कम करने के लिए मुख्यमंत्री क्या करते हैं?

छात्रा आकांक्षा ने पूछा कि आप तनाव को हैंडिल करने के लिए क्या करते हैं? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जिस स्थिति में हो, अपने मन को पहले से तैयार कर लें। मैं संगीत सुनता हूं, योग और व्यायाम भी करता हूं। तनाव कम करने के लिए दिन के साथ रात में नींद का भी समय निर्धारित करें। 

इतने हाईटेक स्कूल का नाम सांदीपनि क्यों रखा?

छात्रा निकिता कटारा ने पूछा कि आपने इतने सुंदर विद्यालयों के नाम सांदीपनि क्यों रखा? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की। यहीं पर उनको गीता का ज्ञान मिला और सुदामा की मित्रता मिली। मित्रता को जीवनभर निभाना चाहिए। महर्षि सांदीपनि आश्रम की परिकल्पना जीवित रहे, श्री कृष्ण और सुदामा जैसे विद्यार्थी निकलें। बस इसी मनोकामना को ध्यान में रखते हुए देश के सबसे अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों वाले स्कूलों का नाम सांदीपनि रखा। 

शिक्षकों से सीएम ने कहा: विद्यार्थी जो भी बनना चाहे उन्हें मोटिवेट करो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी पढ़-लिखकर उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षक उन्हें प्रेरित करें। 

मुख्यमंत्री का तात्पर्य था कि स्कूल में, विद्यार्थियों के बीच में मेरिट की रेस नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी में सबसे खास क्या है, किस फील्ड में वह अपना हंड्रेड परसेंट दे सकता है, इस बात की तलाश करें और उसकी योग्यता और काबिलियत के अनुसार उसका मार्गदर्शन करें।

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