भोपाल, 5 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग, गुना जिले में प्रभार पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को प्रभार दिया है कि वह प्रभार पॉलिटिक्स में अपनी प्रभावी भूमिका अदा करें।
जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश
इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी श्री समर सिह राठौर ने बाकायदा ढाई लाइन का आदेश जारी किया है। आदेश क्रमांक/सामान्य/2026/9260 में लिखा है कि, जिले के विद्यालयों के हालिया निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई है कि कई संस्थानों में वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह देखा गया कि विद्यालयों का प्रभार वरिष्ठतम शिक्षक के पास न होकर अन्य के पास है, जो नियमों के विरुद्ध है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित नहीं आदेशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में वरिष्ठता के आधार पर प्रभार सुनिश्चित करें। इस आदेश का कड़ाई से पालन करें। साथ ही, उन्हें इस संबंध में एक पालन प्रतिवेदन (Compliance Report) भी प्रस्तुत करें।
DEO के आदेश में छपी पॉलिटिक्स
सामान्य तौर पर ढाई लाइन के इस आदेश में कोई भी गड़बड़ी नजर नहीं आती है। एक स्पष्ट मंशा नजर आती है कि जिला शिक्षा अधिकारी चाहते हैं कि सभी विद्यालयों में वरिष्ठता के आधार पर प्रभार दिया जाए, और यह काम ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसरों द्वारा किया जाए। लेकिन नियम के अनुसार देखेंगे तो इसी ढाई लाइन के आदेश में भारी पॉलिटिक्स छुपी हुई है।
पहला सवाल: क्या ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर किसी स्कूल के प्रभारी का चयन कर सकता है?
दूसरा सवाल: क्या जिला शिक्षा अधिकारी, BEO को स्कूलों के प्रभारी का चयन करने के लिए अधिकृत कर सकता है?
तीसरा सवाल: क्या पिछले जिला शिक्षा अधिकारी ने नियम विरुद्ध नियुक्तियां की है?
चौथा सवाल: आदेश में पालन प्रतिवेदन हेतु लास्ट डेट क्यों नहीं है?

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