MP SI पुलिस भर्ती: हाई कोर्ट ने आयु सीमा विवाद के उम्मीदवार को परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया

Updesh Awasthee
भोपाल, 19 सितंबर 2026:
मध्य प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 में आयु सीमा विवाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि, याचिकाकर्ता उम्मीदवार जो आयु सीमा गणना के स्थापित फार्मूले के अनुसार, स्वयं को परीक्षा में शामिल होने का योग्य पाए हैं, उनको परीक्षा में शामिल किया जाए। फॉर्मूले पर अरगुमेंट और जजमेंट बाद में होगा। 

मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती में आयु सीमा की गणना के फार्मूले पर विवाद

दरअसल, मध्य प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में, आयु सीमा की गणना का नया फार्मूला लागू कर दिया गया है। आयु सीमा की गणना, एप्लीकेशन की लास्ट डेट 23 सितंबर 2026 से की जा रही है, जबकि पुलिस भर्ती में आयु सीमा की गणना का फार्मूला, भर्ती परीक्षा के वर्ष का पहला दिन होता है। इस हिसाब से दिनांक 1 जनवरी 2026 को आयु सीमा की गणना की जानी चाहिए। इसी बात को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। उम्मीदवारों का कहना है कि, आयु सीमा की गणना का फॉर्मूला बदल जाने के कारण कई उम्मीदवार ओवरऐज हो गए, जबकि वह ओवर ऐज नहीं है।
 
मामले का विवरण
  • न्यायालय: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर पीठ (High Court of Madhya Pradesh at Jabalpur)।
  • मामला संख्या: रिट याचिका (Writ Petition) क्रमांक WP No. 37540 of 2026।
  • याचिकाकर्ता: पंकज कुमार एवं अन्य (Pankaj Kumar and Others)।
  • उत्तरदाता (Respondents): मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य (State of Madhya Pradesh and Others), जिसमें उत्तरदाता क्रमांक 4 भी शामिल हैं।
  • पीठासीन न्यायाधीश: माननीय न्यायमूर्ति विशाल धगट (Judge Vishal Dhagat)।
  • याचिकाकर्ताओं के वकील: श्री दिनेश सिंह चौहान (अधिवक्ता)।
  • राज्य सरकार के वकील: श्री दयाराम विश्वकर्मा (शासकीय अधिवक्ता)।

संयुक्त याचिका (I.A. 22136/2026) को स्वीकृति

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अंतरिम आवेदन I.A. 22136/2026 को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने पाया कि इस याचिका में तथ्य और कानून के समान प्रश्न विचारार्थ उत्पन्न होते हैं, इसलिए याचिकाकर्ताओं को एक संयुक्त याचिका (Joint Petition) दायर करने की अनुमति प्रदान की गई।

न्यायालय का अंतरिम निर्णय एवं प्रक्रियात्मक निर्देश

न्यायालय ने उत्तरदाता क्रमांक 4 को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान करे। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की परीक्षा में उपस्थिति इस रिट याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन (subject to final order) रहेगी।

सात दिनों के भीतर प्रक्रिया शुल्क (Process Fee) का भुगतान करने पर उत्तरदाताओं को चार सप्ताह में वापसी योग्य (returnable within four weeks) नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। नोटिस तामील होने के बाद मामले को रजिस्ट्रार (निरीक्षण एवं मुकदमेबाजी) के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। रजिस्ट्रार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय नियम, 2008 के अध्याय-V(A) के नियम 1(1)(c) एवं नियम 1(1)(cc) के तहत कार्यवाही व दलीलों (Pleadings) को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके पश्चात मामले को अंतिम सुनवाई हेतु पीठ के समक्ष रखा जाएगा। 

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