भोपाल, 29 अगस्त 2026: जाति के आधार पर प्रताड़ना और अपराध के आंकड़े हमेशा अधूरे होते हैं क्योंकि, इस तरह की घटनाओं को जाति के आधार के विरुद्ध रिकॉर्ड ही नहीं किया जाता। भोपाल की एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग से एक बदहवास युवती, भागते हुए सड़क पर आई। उसके कपड़े फटे हुए थे। वह अनुसूचित जनजाति समुदाय से है, डिंडोरी की रहने वाली है। उसके साथ यह सब कुछ उसकी अपनी जनजाति समुदाय के व्यक्ति ने किया। जबकि उसको बचाने वाले और पुलिस को बुलाने वाले जाति के आधार पर नहीं बल्कि मानवता के आधार पर मदद कर रहे थे।
Bhopal: Woman Found in Torn Clothes at Under-Construction Building, Public Rescues Her
घटना शुक्रवार–शनिवार की दरमियानी रात, भोपाल के कोलार इलाके की है। यहां एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग है। इसमें से एक युवती की चीखने की आवाज आई। थोड़ी देर बाद वह युवती लड़खड़ाते हुए लेकिन बदहवास, बिल्डिंग से बाहर निकाल कर आई। मौजूद लोगों ने तत्काल उसे सुरक्षा प्रदान की और पुलिस को बुलाया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को अस्पताल पहुंचाया और मेडिकल परीक्षण कराया। जिसके बाद पीड़िता के बताए घटनाक्रम के मुताबिक युवक के खिलाफ मारपीट और रेप करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है।
रोजगार की तलाश में डिंडोरी से भोपाल आई थी
22 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मूल रूप से डिंडोरी जिले की रहने वाली थी। बीते 6 महीने से अपनी दीदी और जीजा के साथ कोलार इलाके में स्थित एक अंडर कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रही है। वह मजदूरी का काम करती है। दीदी के साथ परिचितों से मिलने शुक्रवार की शाम को पहुंची थी। अपने ही समाज के जिस व्यक्ति के बल पर वह भोपाल में खुद को सुरक्षित महसूस करते थे, उसी व्यक्ति ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर बलात्कार करने लगा। नशे के कारण बेहोश होती जा रही युवती ने संघर्ष किया, और किसी तरह स्वयं को बलात्कारी से मुक्त करवाकर अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग से बाहर सड़क पर आई।
मोरल ऑफ़ द स्टोरी:
इस पूरे घटनाक्रम से दो सबक मिलते हैं। पहले यह की महिला अब कमजोर नहीं है। वह संघर्ष करती है और समाज उसका साथ देने के लिए तैयार है। दूसरा महिलाओं के प्रति अपराध, जाति के आधार पर नहीं बल्कि शक्ति के आधार पर होता है। शक्तिशाली व्यक्ति, कमजोर व्यक्ति का शोषण करता है। फिर चाहे वह अपनी ही जाति समाज का क्यों ना हो।

