भोपाल, 31 जुलाई 2026: कहते हैं कि जब तक अपराध साबित ना हो जाए, तब तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है। AIG अनिल मिश्रा के मामले में, राजस्थान की राजधानी जयपुर की पॉक्सो मामलों की स्पेशल कोर्ट में अपराध साबित हो गया है। न्यायालय अनिल मिश्रा को बलात्कार का दोषी घोषित करते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं पीड़ित महिला की मासूम बच्ची के साथ गंदी हरकत करने के लिए 3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
IPS ANIL MISHRA पर महिला की गंभीर आरोप
जयपुर मेट्रो की पॉक्सो मामलों की विशेष कोर्ट कोर्ट में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक (सरकारी वकील) संदीप वाजपेयी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मुकेश पाठक ने बताया कि 11 जुलाई, 2014 को पीड़िता ने महिला थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि फरवरी, 2012 में एमपी के सीहोर में उसके पति के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। इस दौरान उसके पति ने उसे बताया कि AIG के पद पर तैनात आरोपी अफसर अनिल मिश्रा भी उसके बिजनेस से जुड़े हुए हैं, वह उनसे जाकर मिल ले। तब मार्च माह में वह भोपाल जाकर आरोपी अनिल मिश्रा पुलिस अफसर से मिली। आरोपी ने उसके पति की मदद का प्रलोभन देकर ऑफिसर मैस में ही उससे दुष्कर्म किया। उससे कई बार अपने बैंक खाते में रुपए भी ट्रांसफर कराए।
साथ ही अभियुक्त ने उसके साथ जोधपुर और मुंबई सहित अन्य जगहों पर ले जाकर भी दुष्कर्म किया। इस दौरान अप्रैल, 2014 में अभियुक्त ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लीलता भी की। जिस पर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट ने सबूतों व गवाहों के आधार पर पर अभियुक्त तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई।

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