भोपाल: पेट्रोल में एथेनॉल के बाद डीजल में पानी की मात्रा बढ़ाई, एक्स्ट्रा प्रीमियम में भी E20

Updesh Awasthee
भोपाल, 31 जुलाई 2026:
पूरे देश में E20 को लेकर हंगामा चल रहा है लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल पंप के कर्मचारी बता रहे हैं कि 20 नहीं बल्कि 25% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं डीजल में पानी की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। जब एक पावरफुल उपभोक्ता ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की तो कलेक्टर ने जांच करवाई और जांच करवाई तो शिकायत सही पाई गई। पेट्रोल पंप के चार डीजल वाले नोजल सील कर दिए गए हैं। 

20000 लीटर के टैंक में, 23000 लीटर डीजल?

यह मामला गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित IndianOil, Dammo Filling Station का है। इसका संचालन किसी मिलावट खोर व्यापारी द्वारा नहीं बल्कि IndianOil द्वारा किया जाता है। कलेक्टर की टीम जब जांच करने पहुंची तो 9787 लीटर डीजल में निर्धारित मानक से अधिक पानी मिलाया गया था। इसके अलावा रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी मिली अधिकारियों ने पाया कि दिसंबर, मार्च, मई, जून और जुलाई में पंप पर स्वीकृत क्षमता से करीब 3 हजार लीटर अधिक पेट्रोल का भंडारण दर्ज था। पंप को अधिकतम 20 हजार लीटर पेट्रोल रखने की अनुमति है, जबकि रिकॉर्ड में 23 हजार लीटर दर्ज मिला। 

एसोसिएशन के अध्यक्ष का खुलासा

भोपाल पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि सभी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप ऑटोमैटिक सिस्टम से संचालित होते हैं। डीजल टैंक में निर्धारित मात्रा में पानी रहता है और उसका स्तर ऑनलाइन मॉनीटर किया जाता है। पानी का स्तर तय सीमा से अधिक बढ़ता है तो सेंसर उसे तुरंत रीड कर लेते हैं। ऐसी स्थिति में यदि पानी मिला डीजल डिस्पेंसिंग सिस्टम तक पहुंचता भी है, तो मशीन का नोजल स्वतः लॉक हो जाता है और डीजल की आपूर्ति बंद हो जाती है। 

पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष के बयान का अर्थ

भोपाल पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के बयान से स्पष्ट होता है कि, तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंप ऑटोमैटिक सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की गई है या फिर सिस्टम को बंद कर दिया गया। यदि उसका सेंसर काम कर रहा होता तो, डीजल में अधिक मात्रा में पानी नहीं मिल सकते थे। यदि प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में डीजल में पानी पाया गया है तो इसका मतलब है कि सेंसर बंद था। यदि सेंसर बंद था तो इसका मतलब है कि गड़बड़ी एक पेट्रोल पंप पर नहीं बल्कि पूरे भोपाल में चल रही है। 

कलेक्टर महोदय से सीधा सवाल

भोपाल पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह जिस ऑटोमेटिक सिस्टम की जानकारी दे रहे हैं, क्या कलेक्टर को इसकी जानकारी नहीं थी। क्या जांच करने वाले अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी?। यदि नहीं थी तो जांच करने वाले अधिकारियों की जांच की जानी चाहिए। कलेक्टर महोदय को खुद को कारण बताओ नोटिस देना चाहिए। या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि जानबूझकर केवल एक पेट्रोल पंप की जांच की गई? 

एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल में भी 20% एथेनॉल?

इसके अलावा एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल में 20% इथेनॉल की पुष्टि हुई, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए इसे ई-20 पेट्रोल के रूप में प्रदर्शित नहीं किया गया था। जांच दल अपनी रिपोर्ट कलेक्टर न्यायालय में पेश करेगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

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