झाबुआ, 30 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त की मुहिम लगातार जारी है। एक ओर जहाँ सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के तहत भरपूर वेतन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर लालची कर्मचारी गरीब किसानों को प्रताड़ित करने और उनसे अवैध वसूली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील का है, जहाँ लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथों धर दबोचा।
महज ₹2,000 के लिए किसान को किया परेशान
जानकारी के अनुसार, ग्राम मोतापाडा निवासी 58 वर्षीय किसान पुनिया भूरिया अपनी कृषि भूमि के सुधार के लिए भटक रहे थे। उनके पास कुल 6 सर्वे नंबर की जमीन है, जिनमें से 5 सर्वे नंबर फार्मर आईडी पर दर्ज थे। शेष एक सर्वे नंबर को फार्मर आईडी पर दर्ज करने के एवज में हल्का नंबर 30 के पटवारी संजय अमलियार ने ₹2,000 की रिश्वत की मांग की थी। किसान ने इसकी शिकायत 24 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की।
लोकायुक्त की घेराबंदी में फँसा पटवारी संजय अमलियार
शिकायत का सत्यापन होने के बाद, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर श्री राजेश सहाय के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई। आज दिनांक 30 जुलाई 2026 को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी पटवारी संजय अमलियार को उप तहसीलदार कार्यालय सारंगी के मीटिंग हॉल में किसान से ₹2,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पकड़े गए आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आशीष नायडू, चंद्रमोहन बिष्ट और शैलेन्द्र सिंह बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जनता से अपील
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि इंदौर संभाग में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत लोकायुक्त पुलिस इंदौर के कार्यालय (मोती बंगला, एमजी रोड) या दूरभाष नंबर 0731-2533160 पर संपर्क कर सकते हैं।

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