मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा में संतान पालन अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन की नई प्रक्रिया

Updesh Awasthee
भोपाल, 23 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग को ऑनलाइन कर दिया है। कर्मचारियों के लिए पूरा डिपार्टमेंट ऑनलाइन है लेकिन अधिकारियों के लिए पूरा डिपार्टमेंट ऑफलाइन है। डिपार्टमेंट के पास शिक्षकों का पूरा डाटा है लेकिन नोटिफिकेशन ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन जारी किए जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला स्तर के अधिकारियों को संतान पालन अवकाश के लिए गाइडलाइन जारी करनी पड़ रही है, जबकि यह लोग शिक्षण संचालनालय का काम है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला-छतरपुर (म.प्र.) द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर, संतान पालन अवकाश (CCL) के लिए आवेदन करने की चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका नीचे दी गई है: 

Madhya Pradesh School Education Rolls Out New Online System for Child Care Leave

चरण 1: ऑनलाइन आवेदन करें 
सबसे पहले, महिला लोकसेवकों (महिला शिक्षकों) को शिक्षा मित्र ऐप (Shikshak App) या पोर्टल 3.0 के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
चरण 2: संस्था प्रमुख/प्राचार्य से अग्रेषण (Forwarding) 
आपके ऑनलाइन आवेदन को आपके संस्था प्रमुख या प्राचार्य द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन अप्रूव/अग्रेषित किया जाना अनिवार्य है। इसके बिना आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए मान्य नहीं होगा।
चरण 3: पत्रावली (File) तैयार करना 
एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अंतिम स्वीकृति या अस्वीकृति हेतु आपको एक भौतिक पत्रावली तैयार करनी होगी, जिसमें निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शामिल होने चाहिए:
स्वीकृति आदेश: संकुल प्राचार्य द्वारा जारी संतान पालन अवकाश स्वीकृति आदेश।
परिवार सूची: सेवा अभिलेखानुसार परिवार सूची की छायाप्रति।
बच्चे के दस्तावेज़: जिस बच्चे के लिए अवकाश मांगा जा रहा है, उसका जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या अंकसूची की प्रति।
अवकाश विवरण: पूर्व में लिए गए संतान पालन अवकाशों का पूरा विवरण और शेष बचे अवकाशों की जानकारी।
संस्था की जानकारी: संबंधित संस्था में कुल छात्रों की संख्या और कार्यरत शिक्षकों का विषयवार विवरण।
प्रमाण पत्र: इस आशय का प्रमाण पत्र कि अवकाश स्वीकृत होने पर संस्था की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।

चरण 4: संकुल प्राचार्य के माध्यम से प्रस्तुतीकरण 
तैयार की गई पत्रावली को संकुल प्राचार्य के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। लोकसेवकों को निर्देशित किया गया है कि वे सीधे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संपर्क न करें।

चरण 5: अंतिम स्वीकृति (DEO स्तर पर) 
प्रस्तुत पत्रावली के परीक्षण के उपरांत, जिला शिक्षा अधिकारी की आईडी से पोर्टल 3.0 पर ऑनलाइन आवेदन को नियमानुसार स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाएगा। 

निष्कर्ष:- 
इस पूरी प्रक्रिया को बड़ी चतुराई के साथ ऑनलाइन शुरू करके दूसरे चरण में ऑफलाइन कर दिया गया। सवाल यह है कि जब सारे डॉक्यूमेंट और फाइल ऑफलाइन ही ट्रांसपोर्ट होनी है तो फिर केवल आवेदन को ऑनलाइन करने की क्या जरूरत है। जब तक सिस्टम पूरा ऑनलाइन नहीं हो जाता, तब तक इंतजार नहीं कर सकते क्या? या फिर बात कुछ ऐसी है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कंप्यूटर और मोबाइल एप्लीकेशन पर काम करना ही नहीं आता। स्कूल शिक्षा विभाग की अधिकारी डिजिटल अनपढ़ हैं? 

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