भोपाल, 23 जुलाई 2026: दिनांक 25-26 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात कोहेफिजा इलाके में एयरपोर्ट रोड स्थित पॉश कॉलोनी सूरज नगर में पालतू कुत्तों को मांस खिलाकर करोड़ों रुपए की डकैती डालने वाले गिरोह के सरगना को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के समय उसके पास अवैध हथियार था। वह भोपाल पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश है।
Bhopal Dacoity Breakthrough: Alleged Gang Leader Nabbed in Jaipur
जयपुर पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को शाहरुख कुरैशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर भोपाल के एक रिहायशी इलाके में हथियारों के बल पर करोड़ों रुपये की डकैती की थी। वारदात से पहले बदमाशों ने घर की सुरक्षा में मौजूद पालतू कुत्तों को मांस खिलाकर शांत किया, जिससे वे भौंक न सकें। इसके बाद हथियारों के दम पर घर में घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। इस मामले में आरोपी मध्यप्रदेश पुलिस को लंबे समय से वांटेड था।
जयपुर में किराए पर रह रहा था
जयपुर के डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया, फरारी के दौरान आरोपी ने झोटवाड़ा क्षेत्र में किराये का कमरा ले रखा था। पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर जयपुर में भी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 21 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा बरामद हुआ। इस संबंध में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मामला दर्ज किया गया है।
आधा दर्जन से ज्यादा केस हैं दर्ज
झोटवाड़ा थाना प्रभारी रायसल सिंह ने बताया, शाहरुख कुरैशी शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, डकैती सहित करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में कई बार जेल भी जा चुका है। आरोपी की पहचान शाहरुख कुरैशी (30) पुत्र इदरीश कुरैशी, निवासी फिजा कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल (मध्यप्रदेश), वर्तमान में नागल पुलिया, झोटवाड़ा स्थित किराये के कमरे में रह रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य फरार साथियों और संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पालतू कुत्तों को मांस खिलाकर डकैती वाला मामला क्या है
यह घटना 25-26 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात (लगभग 1:15 बजे से 3:45 बजे के बीच) भोपाल के कोहेफिजा इलाके में एयरपोर्ट रोड स्थित पॉश कॉलोनी सूरज नगर में हुई थी। पीड़ित वरिष्ठ अधिवक्ता (एडवोकेट) अखिलेश श्रीवास्तव थे। परिवार (पिता के इलाज के लिए) इंदौर गया हुआ था, इसलिए घर खाली/सूना था। घर में सुरक्षा के लिए दो खतरनाक पालतू कुत्ते (डोबरमैन प्रजाति के) थे।
लगभग 8 नकाबपोश बदमाश लोडिंग वाहन से पहुंचे। वे हथियारों (तलवार-चाकू आदि) और ताले तोड़ने के औजारों से लैस थे। उन्होंने पहले से घर की सुरक्षा व्यवस्था और कुत्तों की गतिविधियों की रेकी कर रखी थी। सबसे पहले उन्होंने बाहर से पालतू कुत्तों को मांस (मीट के टुकड़े) खिलाकर शांत किया, जिससे कुत्ते भौंक न सकें (कुछ रिपोर्टों में नींद की दवा मिलाने की आशंका भी जताई गई)। इसके बाद वे दीवार फांदकर/गेट तोड़कर घर में घुसे, कमरों के ताले तोड़े और अलमारियों से सामान समेटा। पूरी वारदात लगभग 2 घंटे 24 मिनट में चुपचाप (इशारों में, बिना शोर या चीख-पुकार के) हुई। सामान लोडिंग वाहन में भरकर वे फरार हो गए।
लूट का सामान:
करीब 18 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात। (बाद की कुछ रिपोर्टों में इसे “करोड़ों रुपये” की डकैती बताया गया, जो संभवतः जेवरात की कुल वैल्यू सहित अनुमानित है।) एक इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (शायद DVR) भी ले गए।
घटना हाई-क्वालिटी सीसीटीवी (वॉयस रिकॉर्डिंग वाले) में कैद हुई। कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच में सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट, मोबाइल टावर डेटा आदि का इस्तेमाल हुआ।

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