मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सेवानिवृत्ति हितलाभ विभाजन: विन्ध्याचल कोषालय ने जारी किए कड़े निर्देश

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 जुलाई 2026:
विन्ध्याचल कोषालय (Vindhyachal Treasury) ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितलाभों के भुगतान को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र क्रमांक 367 के माध्यम से सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) को सूचित किया गया है कि retirement benefits payment rules for MP and Chhattisgarh का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। यह निर्देश विशेष रूप से उन मामलों के लिए हैं जहाँ भुगतान की राशि का विभाजन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के बीच निर्धारित नियमों के अनुसार होना है। 

Leave Encashment Bill Preparation Guidelines for DDOs in Bhopal

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई विभागों द्वारा सेवानिवृत्ति लाभों, विशेष रूप से Leave Encashment (L.E.) के भुगतान में भारी अनियमितताएं (irregularities) बरती जा रही हैं। संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा के निरीक्षण में सामने आया है कि विभाग बिना योजनावार (scheme-wise) पृथक देयक तैयार किए और बिना उचित विभाजन प्रक्रिया अपनाए ही बिल प्रस्तुत कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब leave encashment bill preparation guidelines for DDOs को और अधिक सख्त बना दिया गया है, ताकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच स्वीकृत राशि का समुचित वितरण सुनिश्चित हो सके। 

Scheme Wise Retirement Benefit Distribution and Bill Submission Process

कोषालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब सभी DDOs को निर्देशित किया गया है कि वे सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लीव एनकैशमेंट (Leave Encashment) के प्रकरण तैयार करते समय राज्य पुनर्गठन के विभाजन नियमों का अक्षरशः पालन करें। न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को अब scheme wise retirement benefit distribution के तहत देयकों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग तैयार कर कोषालय में प्रस्तुत करना होगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता (financial transparency) लाना और सेवानिवृत्ति के समय होने वाली गणना की त्रुटियों को समाप्त करना है। 

Consequences of Non-Compliance with Retirement Fund Division Rules

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यदि कोई भी बिल बिना उचित विभाजन या सक्षम स्वीकृति के कोषालय में भेजा जाता है, तो उसे सीधे निरस्त (reject) कर दिया जाएगा। Consequences of non-compliance with retirement fund division rules के तहत, ऐसे किसी भी निरस्त बिल की पूरी जिम्मेदारी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) की होगी। विन्ध्याचल कोषालय ने सभी विभागों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करने को कहा है ताकि कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति लाभ समय पर मिल सकें। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी।

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