भोपाल, 17 जुलाई 2026: परिस्थितिजन्य आरोप तो यही है। पुलिस की एक टीम ने ट्रैफिक चालान के नाम पर गाड़ी को रुकवाया। लिखा पड़ी के नाम पर मलिक को वाहन से अलग किया और मौके पर मौजूद कर, गाड़ी को चुरा कर ले गया। इसका मतलब तो यही हुआ कि पुलिस ने ट्रैफिक चालान के नाम पर गाड़ी चोरी करवा दी है। पुलिस की अभिरक्षा से गाड़ी का चोरी हो जाना, इससे ज्यादा शर्म की बात क्या होगी।
चार थानों के चक्कर लगाता रहा युवक
हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद वाहन चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए पीड़ित चार थानों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन किसी ने भी मामला दर्ज नहीं किया। बैरसिया तहसील के ललरिया निवासी नदीम आलम ने पुलिस कमिश्नर को दिए आवेदन में बताया कि 13 जुलाई की रात करीब आठ बजे उनके बहनोई मोहम्मद सगीर उसकी स्कूटी से इब्राहिमपुरा जा रहे थे। सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे पर चल रही वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें बिना हेलमेट रोक लिया। 300 रुपये का चालान बनाया गया और स्कूटी की चाबी अपने पास रख ली गई।
पुलिसकर्मी ने कहा- अब तो तुम्हारी गाड़ी गई
चूंकि तत्काल चालान की राशि नहीं थी, इसलिए सगीर ने नदीम को मौके पर बुला लिया। इसी दौरान एक अज्ञात युवक स्कूटी लेकर फरार हो गया। नदीम का दावा है कि जब वह मौके पर पहुंचे और वाहन के बारे में पूछा तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने कहा- अब तो तुम्हारी गाड़ी गई। उनका कहना है कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। नदीम ने बताया कि इसके बाद वह मंगलवारा, तलैया, हनुमानगंज और गौतम नगर थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर जगह अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर शिकायत लेने से मना कर दिया गया।
कांस्टेबल ने खारिज किए सभी आरोप
मामले में आरोपों के घेरे में आए हनुमानगंज थाने के आरक्षक दिनेश डेहरिया ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को चाबी नहीं सौंपी। उनके अनुसार चाबी पहले से वाहन में लगी थी और अज्ञात युवक उसी का फायदा उठाकर स्कूटी लेकर भाग गया। आरक्षक ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है।
अब पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित पुलिसकर्मी की भूमिका की पड़ताल और स्कूटी बरामद कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर मंगलावारा पुलिस स्कूटी की तलाश में जुटी है।

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