पन्ना, 6 जून 2026: यदि किसी के सिर में गोली मार दी जाए तो वो कितने देर तक जिंदा रहेगा। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक युवती 2 दिन तक जिंदा रही, खुद पैदल चलकर अस्पताल गई। अस्पताल में आपरेशन के बाद उसकी गोली निकाल दी गई। अब वो खतरे से बाहर है। पढ़िए मौत पर जिंदगी की जीत की जबर्दस्त कहानी:
घायल युवती की पहचान बनौली (सिमरिया), पन्ना जिला निवासी सपना (पिता स्वर्गीय फग्गू रैकवार) के रूप में हुई है। सपना की उम्र 18 साल है। सपना ने बताया कि शुक्रवार रात को बिजली गुल होने की वजह से वह अपने घर की छत पर सो रही थी। शनिवार सुबह सोकर उठने पर उसे अचानक सिर में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसकी जानकारी उसने अपनी दादी को दी। सुबह करीब 7 बजे दादी सपना को गांव के ही एक लोकल डॉक्टर के पास ले गईं। सिर पर घाव था, डॉक्टर ने घाव की जांच नहीं की बल्कि मामूली चोट समझकर पट्टी बांध दी और उसे घर भेज दिया, लेकिन सपना का सिर दर्द कम नहीं हुआ। दर्द लगातार बढ़ने पर सपना ने अपनी बुआ हेमलता रैकवार को इस बारे में बताया।
माता-पिता नहीं हैं, बुआ लेकर आईं अस्पताल
बुआ हेमलता रैकवार ने बताया कि सपना के माता-पिता नहीं हैं और वह अपनी दादी के साथ ही रहती है। भतीजी के सिर में तेज दर्द की खबर मिलते ही वह अपने मायके पहुंचीं और दूसरे परिजनों के साथ शनिवार शाम को उसे दमोह जिला अस्पताल लेकर आईं। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने जांच की, तो पता चला कि सपना के सिर में कोई चोट नहीं बल्कि बंदूक की गोली धंसी हुई है।
इसके बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर अभिजीत और डॉक्टर तंतुवाय की टीम ने तुरंत ऑपरेशन कर युवती के सिर से गोली बाहर निकाली। डॉक्टरों के मुताबिक अब उसकी सेहत में सुधार है। आगे उसकी सीटी स्कैन जांच भी कराई जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि गोली सिर के कितने अंदर तक गई थी।
पन्ना पुलिस करेगी मामले की जांच
युवती को गोली कैसे लगी, इस बात की जानकारी परिवार में किसी को भी नहीं है। जिला अस्पताल पुलिस चौकी की तरफ से बड़े अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद दमोह पुलिस ने पन्ना पुलिस को पूरे मामले से अवगत करा दिया है।
पन्ना से पुलिस की टीम दमोह जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित युवती और परिजनों के बयान दर्ज करेगी, जिसके बाद आगे की जांच शुरू होगी। अब यह जांच का विषय है कि यह गोली कहीं दूर से हुए हवाई फायर की वजह से आकर लगी है या फिर किसी ने जानबूझकर युवती पर गोली चलाई थी।

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