इंदौर, 7 जून 2026: मध्यप्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में 6 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा, जब इंदौर में 'India-Latin American and Caribbean Trade and Investment Forum 2026' का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर शुरू किए गए इस कार्यक्रम में 15 देशों के प्रतिनिधियों और 350 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिय। इस फोरम का मुख्य उद्देश्य फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ठोस वैश्विक साझेदारियां बनाना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बदलती व्यापार नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब मध्यप्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
Growth in Madhya Pradesh Exports to LAC Countries and Economic Impact
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मध्यप्रदेश ने लैटिन अमेरिकी देशों के साथ व्यापार में नई ऊंचाइयां छुई हैं, जहाँ निर्यात करीब 3,835 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में 19 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाता है। प्रदेश ने विशेष रूप से ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना, पेरू और कोलम्बिया जैसे देशों के साथ अपनी निर्यात गतिविधियों को सफलतापूर्वक विस्तार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश और लैटिन अमेरिका की परंपराओं, संगीत और जनजातीय कलाओं में गहरी समानताएं हैं, जो दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सेतु का कार्य कर रही हैं।
Industrial Investment Opportunities in Madhya Pradesh and Sector-wise Growth
मध्यप्रदेश अब दुनिया के लिए एक 'फूड बास्केट' (Food Basket) के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, जिससे ग्वाटेमाला जैसे देशों के साथ खेती और खाद्य प्रसंस्करण में मजबूत साझेदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। प्रदेश का इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र फार्मास्युटिकल का वैश्विक हब बन चुका है, जबकि पीथमपुर ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए राज्य की आर्थिक रीढ़ बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और डिफेंस सेक्टर में भी मध्यप्रदेश ने अपनी एक अलग और मजबूत पहचान स्थापित की है।
Strategic Infrastructure Development and Logistics Hub in MP
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार अगले 5 वर्षों में 6 प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। राज्य में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क उपलब्ध है और यह लॉजिस्टिक्स के मामले में देश का एक प्रमुख हब बन चुका है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण 'हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया' कहा जाने वाला यह राज्य हवाई, रेल और सड़क परिवहन से सुगम रूप से जुड़ा है, जो इसे व्यापार के लिए सबसे अनुकूल स्थान बनाता है।
Ease of Doing Business and Government Policies for Investors
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 18 उद्योग-केंद्रित पॉलिसियाँ लागू की हैं और सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की है। राज्य में 340 से अधिक नोटिफाई इंडस्ट्रियल एरिया हैं और उद्योगों के लिए पर्याप्त लैंड बैंक तथा पानी की उपलब्धता है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी सीधे औद्योगिक प्रोत्साहन की निगरानी करती है, जिससे निवेश की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हुई है। विशेष रूप से, प्रदेश के 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स की कमान महिला उद्यमियों के हाथों में है, जो राज्य की समावेशी प्रगति का प्रमाण है।
Sustainable Energy and Green Energy in Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश न केवल खनिज संपदा में धनी है, बल्कि ग्रीन एनर्जी (Green Energy) के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में राज्य की कुल 31,000 मेगावाट की विद्युत क्षमता में से 30 प्रतिशत हिस्सा हरित ऊर्जा से आता है। यह सस्टेनेबल विकास की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मध्यप्रदेश पर और अधिक मजबूत हुआ है। ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम ने भी मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के लिए 'सर्वाधिक डायनैमिक स्टेट' करार दिया है।
uture Outlook: BRICS Agriculture Ministers Meeting and Global Integration आगामी समय में मध्यप्रदेश की वैश्विक भूमिका और बढ़ने वाली है, क्योंकि इसी महीने इंदौर में ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों का कृषि सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। उरुग्वे जैसे देशों ने भी भारत के 'विकसित भारत @2047' के संकल्प में अपनी भागीदारी की इच्छा जताई है और मध्यप्रदेश के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जो "सबको अपनाने वाला है और जो यहाँ एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है"।
मुख्य बातें
- निर्यात डेटा: ₹3,835 करोड़ का निर्यात और 19% की ग्रोथ।
- औद्योगिक क्षेत्र: फार्मा, ऑटोमोबाइल, और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान।
- महिला उद्यमिता: 45% स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: 6 नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 30% ग्रीन एनर्जी।
- ग्लोबल प्रेजेंस: 15 देशों की भागीदारी और आगामी ब्रिक्स सम्मेलन।

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